बीकानेर सहित पूरे राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ सही जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए सरकार द्वारा चलाया जा रहा गिव-अप अभियान अब और आगे बढ़ा दिया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि जो लोग निर्धारित मानकों के अनुसार इस योजना के पात्र नहीं हैं, वे स्वेच्छा से योजना से बाहर आकर वास्तविक जरूरतमंदों के लिए रास्ता साफ करें।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत संचालित इस अभियान की अवधि को बढ़ाने के आदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। नए निर्देशों के अनुसार अपात्र श्रेणी में आने वाले लाभार्थी अब 28 फरवरी 2026 तक खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम स्वेच्छा से हटवा सकेंगे।
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिमाह नियमानुसार गेहूं उपलब्ध कराया जाता है। वहीं राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 की अनुसूची-1 में अपात्रता के मापदंड तय किए गए हैं। इनमें ऐसे परिवार शामिल हैं जिनका कोई सदस्य आयकर दाता हो, सरकारी, अर्धसरकारी या स्वायत्तशासी संस्था में कार्यरत हो, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो या जिनके पास चार पहिया वाहन हो, हालांकि आजीविका के लिए उपयोग में आने वाले वाहनों को इससे बाहर रखा गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन मानदंडों में आने वाले लाभार्थियों को योजना से बाहर आने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और स्वैच्छिक बनी रहे। इसके साथ ही सभी जिला रसद अधिकारियों को अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के तहत जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार, लाभार्थियों को जागरूक करने और अधिक से अधिक लोगों को गिव-अप अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया है। साथ ही अभियान की दैनिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को भेजने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश सक्षम स्तर से अनुमोदित बताया गया है।