

लोक Https में 5.50 करोड़ रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर 860 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें बिजली, पानी, टेलीफोन बिल और बैंक वसूली से जुड़े मामले शामिल थे। इसके अलावा राजस्व लोक अदालत में 3093 प्रकरणों का निस्तारण हुआ।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष रूपा गुप्ता और रामदेव सांदू सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरोही के निर्देशन में तालुका आबूरोड के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या एक, दो, वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट आबूरोड में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें कुल 1579 मामलों को चिह्नित कर आपसी राजीनामा के आधार पर कुल 284 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस दौरान 5.50 करोड़ रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय में विचाराधीन एमएसीटी और सिविल प्रकरणों, धन वसूली, पारिवारिक विवाद, 138 एनआई एक्ट, एमवी एक्ट और आईपीसी के राजीनामा योग्य मामलों को रखा गया। इसी प्रकार प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों में टेलीफोन, बिजली, पानी के लंबित बिलों और बैंक वसूली के प्रकरणों को चिह्नित कर 860 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। अपर जिला सेशन न्यायाधीश संख्या दो आबूरोड, ग्रीष्मा शर्मा एवं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आबूरोड सलोनी सक्सैना ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में गठित बेंच के सदस्य उपखंड अधिकारी आबूरोड, अधिवक्ता सदस्य पूजा ठाकोर एवं रिहाना खान एवं अध्यक्ष बार मंडल आबूरोड विक्रम सिंह देवड़ा, जितेंद्र सुराणा, महेंद्र शर्मा, जनक पंडित, हसीब अहमद सिद्दीकी, दिनेश खंडेलवाल, धर्मेंद्र पुरोहित, सुरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश प्रजापत, विपिन शर्मा, विमल गोयल, आरिफ खान, प्रदीप सक्सैना, महेंद्र परिहार, सोहन सेन, शंकरलाल बारोठ, विक्रम अग्रवाल, श्रवण सिंह देवड़ा, पैनल अधिवक्ता भावाराम एवं समस्त अधिवक्तागण बार मंडल आबूरोड, बीमा कंपनी, समस्त बैंक प्रतिनिधिगण, भारत संचार निगम लिमिटेड के कनिष्ठ अभियंता, जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, एवं पुलिस थाना आबूरोड सदर, पुलिस थाना आबूरोड शहर एवं पुलिस थाना रीको आबूरोड का सराहनीय योगदान रहा।

राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रमुख उपलब्धियां
आबूरोड न्यायालय में चिन्हित 1579 प्रकरणों में से न्यायालय में लंबित 53 मोटर दुर्घटना प्रकरणों, चेक अनादरण के 11 मामले, घरेलू हिंसा और अन्य सिविल मामलों के 32 मामले तथा 168 दांडिक शमनीय प्रकरणों में 5 करोड़ 50 लाख 17 हजार 978 रुपये की राशि के संबंध में आपसी समझौता एवं राजीनामा करवाकर अवॉर्ड पारित किए गए। इसके साथ ही राजस्व लोक अदालत में 3093 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
इस सफलता में उपखंड कार्यालय एवं तहसीलदार आबूरोड कार्यालय के कर्मचारीगण एवं न्यायालय के कर्मचारी जीवाराम रीडर, रवि सिंह सिसोदिया, दिनेश देवासी, सुमित बंजारा, प्रदीप कुमार एवं सहायक कर्मचारी रतनलाल, लेखराज, खुशाल एवं जलील आदि का भी सराहनीय योगदान रहा।