

नेपाल में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप के झटकों ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और भारत के अन्य हिस्सों को हिला दिया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई। इसका केंद्र तिब्बत के शिज़ांग में, 10 किलोमीटर की गहराई पर था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, एक के बाद एक कुल चार झटके महसूस किए गए।
नेपाल में भारी तबाही, 53 मौतें
नेपाल के गोकर्णेश्वर के पास भूकंप के कारण अब तक 53 लोगों की मौत की खबर है। यह क्षेत्र भूगर्भीय रूप से अत्यधिक सक्रिय है, जहां भारतीय और यूरेशियाई प्लेटों की टकराहट से हिमालय का निर्माण हुआ है। 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद यह एक और बड़ा झटका है।
दिल्ली-NCR और बिहार में झटके महसूस किए गए
भूकंप के झटके दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बिहार के मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, सीतामढ़ी, और अन्य इलाकों में महसूस किए गए। बिहार में करीब 30 सेकंड तक लोग घरों से बाहर रहे। हालांकि, किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

भूकंप के झटकों का क्रम
- सुबह 5:41 बजे: पहला झटका (4.2 तीव्रता)
- सुबह 6:35 बजे: दूसरा और सबसे बड़ा झटका (7.1 तीव्रता)
- सुबह 7:02 बजे: तीसरा झटका (4.7 तीव्रता)
- सुबह 7:07 बजे: चौथा झटका (4.9 तीव्रता)
पहले भी झेल चुका है नेपाल विनाशकारी भूकंप
नेपाल का इतिहास विनाशकारी भूकंपों से भरा है। 2015 में आए भूकंप में 9,000 से अधिक लोग मारे गए थे और 22,000 से अधिक घायल हुए थे। यह हालिया घटना उस विनाशकारी त्रासदी की याद दिलाती है।
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भूकंप प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।