Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: 56 साल बाद लौटे दो सैनिकों के शव: एक के भतीजे ने कहा- “अगर ज़िंदा होते, तो ये मेरे पिता होते”
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > death > 56 साल बाद लौटे दो सैनिकों के शव: एक के भतीजे ने कहा- “अगर ज़िंदा होते, तो ये मेरे पिता होते”
death

56 साल बाद लौटे दो सैनिकों के शव: एक के भतीजे ने कहा- “अगर ज़िंदा होते, तो ये मेरे पिता होते”

editor
editor Published October 4, 2024
Last updated: 2024/10/04 at 1:26 PM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

56 साल बाद आए दो सैनिकों के शव: एक भतीजे की भावनाएँ

यह कहानी एक दिल दहला देने वाली त्रासदी से शुरू होती है, जिसका रहस्य 56 सालों तक छुपा रहा। जैसे ही यह रहस्य खुलता है, यह पता चलता है कि इंतज़ार करने वालों में से कई अब इस दुनिया में नहीं हैं।

एक अद्वितीय इंतज़ार
बसंती देवी, जिनका विवाह 15 साल की उम्र में नारायण सिंह बिष्ट से हुआ था, अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनकी ज़िंदगी का सफर इस इंतज़ार के साथ गुजरा कि उनका पति कभी लौटेगा।

कहानी की शुरुआत
इस कहानी की शुरुआत होती है थॉमस चेरियन से, जिन्होंने अपने परिवार के लिए 56 साल का लंबा इंतज़ार सहा। चेरियन एक सैनिक थे, जो 1968 में एक विमान दुर्घटना में मारे गए थे। जब उनके शव की खोज की गई, तो यह परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था।

परिवार की संवेदनाएँ
केरल के पथनमथिट्टा का ओदालिल परिवार हमेशा चेरियन को याद करता रहा। जब कभी परिवार में कोई खुशी का पल आता, वे सोचते, “काश! थॉमस हमारे साथ होते।”

- Advertisement -

दुख का अहसास
चेरियन के माता-पिता, ओ.एम. थॉमस और एलियाम्मा, अपने बेटे को देखने की आस में ही चल बसे। उनके छोटे भाई थॉमस ने कहा, “जब हमें पता चला कि चेरियन का शव मिल गया है, तो ऐसा लगा जैसे हमें ज़िंदगी का सब कुछ मिल गया।”

शव की पहचान
चेरियन के शव की पहचान उसकी वर्दी पर लिखे नाम ‘थॉमस सी’ से हुई, जबकि बाकी अक्षर गायब हो गए थे। इस घटना ने परिवार को एक नई उम्मीद दी, जबकि नारायण सिंह बिष्ट के भतीजे जयवीर सिंह की भावनाएँ और भी गहरी थीं।

नारायण सिंह का कष्ट
जयवीर सिंह ने कहा, “अगर नारायण सिंह जीवित होते, तो वह मेरे पिता होते।” उनका परिवार नारायण के लापता होने के बाद भी उम्मीदें बनाए रखता रहा, लेकिन समय के साथ वह उम्मीद भी खत्म होती गई।

एक नई कहानी की शुरुआत
56 साल बाद जब इन सैनिकों के शव मिले, तो उनके परिवार ने एक नए अध्याय की शुरुआत की। अंत में, ये सैनिक एक बार फिर अपने परिवारों के पास आए, लेकिन इस बार केवल यादों के रूप में।

इस कहानी ने सभी को यह सिखाया कि सेना के प्रति श्रद्धा और समर्पण कभी खत्म नहीं होता।


Share News
Chat on WhatsApp

editor October 4, 2024
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

श्रीडूंगरगढ़ में 30 ग्राम एमडी के साथ तीन युवक गिरफ्तार
बीकानेर
बेटे को बचाने टांके में कूदी मां, दो मासूम बच्चों समेत तीन की दर्दनाक मौत
राजस्थान
आज का राशिफल: कई राशियों के लिए लाभ के संकेत
राशिफल
सूड़सर के पास युवक की ट्रेन से कटकर मौत
बीकानेर
फड़ बाजार में 171 ग्राम सोना चोरी का मामला दर्ज – Bikaner News
बीकानेर
बीकानेर विकास को गति देगा राज्य बजट: विधायक जेठानंद व्यास – Bikaner News
बीकानेर
राजस्थान बजट 2026-27: कर्मचारियों, किसानों और जयपुर पर बड़ा दांव – Rajasthan News
राजस्थान
राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य: केंद्र के नए दिशानिर्देश जारी – National News
बीकानेर

You Might Also Like

deathहादसा

हादसे में दो की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों का चक्का जाम दो घंटे तक जारी

Published September 27, 2024
deathDelhi

दिल्ली में यूपीएससी छात्र की संदिग्ध मौत पर उठते सवाल: अब तक की जानकारी

Published September 26, 2024
deathराजस्थान

दमोह में ट्रक और ऑटो की भीषण टक्कर में नौ लोगों की मौत, पूरा परिवार खत्म

Published September 25, 2024
deathHealth

फेफड़ों में कैंसर: लाखों मौतों का कारण, डॉक्टर्स ने बताई सबसे हानिकारक आदत

Published September 25, 2024
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?