

अलवर: 10वीं कक्षा की छात्रा को छत पर खड़े रहने की सजा का गंभीर परिणाम
अलवर के देवी जी गली स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10वीं कक्षा की एक छात्रा को शिक्षक ने छत पर खड़े रहने की सजा दी, जिसके कारण वह बेहोश होकर छत से गिर गई। स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्ची परेशान थी और उसने खुद ही कूदने का निर्णय लिया।
घटना 26 सितंबर को हुई, जब छात्रा को होमवर्क न करने के कारण धूप में छत पर खड़ा किया गया। उसके बाद उसे चक्कर आ गया और वह गिर गई। लगभग तीन घंटे बाद बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया गया।
बच्ची की चाची, मालती देवी, ने बताया कि स्कूल से फोन आया कि उनकी भतीजी छत से कूद गई है। जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तो पता चला कि बच्ची की कमर में फ्रैक्चर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। मालती ने आरोप लगाया कि स्कूल स्टाफ ने घटना के समय काफी देर से मदद की, जिससे बच्ची की स्थिति और बिगड़ गई।
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बच्ची ने अस्पताल में बताया कि उसे सजा के तौर पर धूप में खड़ा किया गया था, जिसके कारण उसे चक्कर आया। वहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि बच्ची पढ़ाई में अच्छी थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह डिप्रेशन में थी। उन्होंने कहा कि घटना के समय बच्ची खुद छत पर चढ़ गई थी और स्टाफ के पहुंचने से पहले वह कूद गई।
बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है, और परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिससे बच्ची की स्थिति और खराब हुई।