शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से अपनी पाठ्य-पुस्तकों की सालाना आधार पर समीक्षा करने और नया अकादमिक सत्र शुरू होने से पहले इन्हें अपडेट करने को कहा है।
अब तक एनसीईआरटी की पाठ्य-पुस्तकों को अपडेट करने पर कोई दिशा निर्देश नहीं था। सूत्रों ने बताया कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में यह जरूरी है कि पाठ्य-पुस्तकें पूरी तरह से अपडेट रहें। सूत्र ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबें एक बार प्रकाशित होने के बाद कई वर्षों तक वैसी ही नहीं रहनी चाहिए।
मुद्रण के बाद हर वर्ष हो उनकी समीक्षा
शिक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया कि मुद्रण से पूर्व हर वर्ष उनकी समीक्षा की जानी चाहिए और यदि कोई परिवर्तन करना हो या कुछ नए तथ्य जोड़ने हों तो उन्हें पुस्तकों में शामिल कर लेना चाहिए। उदाहरण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय बहुत विकसित हो रहे हैं। इसे पाठ्यक्रम में जोड़ना चाहिए।
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वर्तमान में एनसीईआरटी पिछले साल घोषित राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ) के अनुसार पाठ्य-पुस्तकें तैयार करने की प्रक्रिया में जुटी है। सूत्रों ने बताया कि नये पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्य-पुस्तकें सभी कक्षाओं के लिए 2026 तक तैयार हो जाएंगी। इस साल, एनसीईआरटी ने तीसरी और छठी कक्षाओं के लिए नयी पाठ्य-पुस्तकें जारी की हैं।

