Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए नए आदेश: डॉक्टरों को एंटीबायोटिक्स लिखने का कारण बताना होगा
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > Health > स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए नए आदेश: डॉक्टरों को एंटीबायोटिक्स लिखने का कारण बताना होगा
Health

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए नए आदेश: डॉक्टरों को एंटीबायोटिक्स लिखने का कारण बताना होगा

editor
editor Published January 19, 2024
Last updated: 2024/01/19 at 10:49 AM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

बीकानेर। एंटीबायोटिक दवाओं को लेकर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस (DGHS) ने भारत के सभी फार्मासिस्ट एसोसिएशन्स को लेटर लिखा है। इसमें फार्मासिस्ट्स से अपील की गई है कि वे एंटीबायोटिक की दवा डॉक्टर्स के प्रिस्क्रिप्शन के बिना न दें। देश में एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग बढ़ गया है, जो इंसान के स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसान है। इसी को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले DGHS ने लेटर में डॉक्टर्स से अपील की गई है कि वे एंटीबायोटिक दवाओं को ज्यादा बढ़ावा न दें और आदेशों को प्रभावी रूप सुनिश्चित करें। अगर मरीज लो एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह दे रहे हैं तो इसका कारण भी बताएं।

रोक के बावजूद बिना डॉक्टर के पर्चे के एंटीबायोटिक दवा खरीद रहे लोग

भारत में दवाओं से जुड़े कानूनों के तहत सभी तरह की एंटीबायोटिक्स को H और HI जैसी कैटेगरी में रखा गया है, जिन्हें बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं बेचा जा सकता। लेकिन, लोग मेडिकल स्टोर से बेरोकटोक ये दवाएं खरीद रहे हैं। हेल्थ वर्कर्स से लेकर फार्मासिस्ट, झोलाछाप डॉक्टर तक एंटीबायोटिक्स के बेधड़क इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं।

एंटीबायोटिक के ओवरयूज से बैक्टीरिया बन रहे सुपरबग

- Advertisement -

एंटीबायोटिक्स के ओवरयूज से मामूली बैक्टीरिया सुपरबग बन रहे हैं, जिससे मामूली समझे जाने वाले संक्रमण का इलाज भी कठिन हो रहा है। WHO के मुताबिक इस कारण न्यूमोनिया, टीबी, ब्लड पॉइजनिंग और गोनोरिया जैसी बीमारियों का इलाज कठिन होता जा रहा है। ICMR के मुताबिक यही वजह है कि निमोनिया, सेप्टीसीमिया के इलाज में यूज होने वाली दवा कार्बेपनेम पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि अब यह दवा बैक्टीरिया पर बेअसर है।


Share News
Chat on WhatsApp

editor January 19, 2024
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

देवर पर 9 साल तक शोषण का आरोप, कोर्ट के आदेश से केस दर्ज – Bikaner News
बीकानेर
उदासर के ट्रायोनगर में प्लॉट कब्जे का मामला, छह लोगों पर केस दर्ज – Bikaner News
बीकानेर
मुक्ताप्रसाद क्षेत्र में ज्वैलर्स की दुकान में सेंधमारी, लाखों के गहने चोरी – Bikaner News
बीकानेर
RBSE 2026: 12 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं, 19 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल – Rajasthan News
राजस्थान शिक्षा
देश का बदला विकास से लेना होगा, युवाओं को एनएसए डोभाल का संदेश – National News
देश-दुनिया
बीकानेर स्कूलों में गुरुवार को हथकरघा और स्थानीय परिधान पहनने का निर्देश – Bikaner News
बीकानेर
जेएनवीसी में अचेत मिले व्यक्ति की मौत, मर्ग दर्ज कर जांच शुरू – Bikaner News
बीकानेर
मोबाइल ऐप से निवेश के नाम पर लाखों की ठगी, मामला दर्ज – Bikaner News
बीकानेर

You Might Also Like

Health

अनियमित नींद बन सकती है हार्ट अटैक का कारण, जानें समय पर सोने के फायदे

Published August 21, 2025
Healthhospital

डॉक्टर्स लौटे काम पर, दो घंटे पेन डाउन जारी रहेगा

Published June 29, 2025
Health

कम उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक मामलों की बड़ी वजह है असंतुलित जीवनशैली

Published June 29, 2025
Health Department on Alert: Directives Issued to Hospitals and Medical Colleges
Health

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर: सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी

Published January 6, 2025
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?