

उदयपुर में गोगुंदा थाना पुलिस की कस्टडी में दो दिन पहले एक युवक की मौत के बाद तीसरे दिन शनिवार को युवक के शव का पोस्टमार्टम हो सका। पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया। इससे पहले प्रशासन और समाजजनों के बीच मांगों को लेकर समझाइश का दौर चला। शनिवार सुबह प्रशासन ने समाजजनों की प्रमुख मांगे मान ली। जिसमें परिवार के एक सदस्य को नौकरी लगाने और मुआवजे के तौर पर 30 लाख रुपए की राशि देने पर सहमति बनी।इसके लिए प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को पत्र लिखा जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद परिजन पोस्टमार्टम बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए गोगुंदा लेकर रवाना हो गए। साथ ही मांगे माने जाने के बाद कलेक्ट्री पर शनिवार को प्रस्तावित धरना भी स्थगित हो गया। बता दें, कि एक दिन पहले करणी सेना और श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के साथ क्षत्रिय संगठनों ने गोगुंदा थाने का घेराव किया था।समाजजनों के आक्रोश बढ़ते देख मौके पर पुलिस एसपी विकास शर्मा मौके पर पहुंचे थे। समाजजनों के दबाव में आकर ही पुलिस एसपी को थानाधिकारी सहित 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। साथ पूरे थाने के स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया था।ये था पूरा मामला बीते दिनों गोगुंदा क्षेत्र के देवड़ों का खेड़ा की एक युवती घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने गांव के सुरेंद्र सिंह पर उसे भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गुरुवार को पुलिस युवक-युवती गुजरात से पकड़कर थाने लेकर आई थी। गोगुंदा थाने में पुलिस कस्टडी में सुरेंद्र सिंह देवड़ा (22) की मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि देर शाम युवक सुरेंद्र सिंह देवड़ा की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी लेकिन परिजन इसे पुलिस द्वारा मारपीट से मौत होना बता रहे थे।
