भारतीय संगीत जगत के लिए यह एक गहरा आघात है। महान गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के Breach Candy Hospital में अंतिम सांस ली। उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री, संगीत प्रेमियों और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
घर पहुंचा पार्थिव शरीर, परिवार में शोक
निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके मुंबई स्थित आवास पर लाया गया, जहां परिवार और करीबी लोग अंतिम दर्शन के लिए जुट रहे हैं। बेटे आनंद भोसले ने मीडिया से बात करते हुए इस दुखद खबर की पुष्टि की। घर का माहौल गमगीन है और परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार सोमवार शाम को किया जाएगा, जिसमें फिल्म और संगीत जगत की कई हस्तियां शामिल हो सकती हैं।
संघर्षों से भरी रही निजी जिंदगी
आशा भोंसले का जीवन जितना सफल रहा, उतना ही संघर्षपूर्ण भी। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में गणपतराव भोसले से विवाह किया था। यह फैसला परिवार की इच्छा के विरुद्ध था, जिसके कारण उनके रिश्तों में दरार आ गई थी।
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बताया जाता है कि शादी के बाद उन्हें मानसिक तनाव और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि गर्भावस्था के दौरान ही उन्हें घर छोड़कर मायके लौटना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने जीवन में कभी हार नहीं मानी और अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
जोधपुर में छलका था देशप्रेम
फरवरी 2019 में हुए Pulwama attack के बाद जब देश शोक में डूबा था, तब जोधपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उनका भावुक रूप सामने आया था। उन्होंने कहा था कि अगर वह जवान होतीं, तो सेना में शामिल होकर देश की सेवा करतीं।
उनकी यह बात आज भी लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाती है और यह दर्शाती है कि वे सिर्फ एक कलाकार ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील नागरिक भी थीं।
बीकानेर से आध्यात्मिक जुड़ाव
राजस्थान के बीकानेर से उनका खास रिश्ता रहा। उन्होंने Karni Mata Temple के लिए डिंगल भाषा में भजन और आरती रिकॉर्ड की थी। यह उनके जीवन का एक अनोखा अध्याय था, जिसने उनके आध्यात्मिक पक्ष को सामने लाया।
आखिरी बार ‘धुरंधर’ में गूंजी आवाज
अपने लंबे करियर में हजारों गीत गाने वाली आशा भोंसले की आवाज आखिरी बार फिल्म ‘धुरंधर’ में सुनाई दी। इसमें उनके मशहूर गीत Piya Tu Ab To Aaja को नए अंदाज में पेश किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
यह गीत मूल रूप से Caravan फिल्म का हिस्सा था, जिसे संगीतकार R. D. Burman ने तैयार किया था। आज भी यह गीत उनकी पहचान का अहम हिस्सा बना हुआ है।
अमर रहेगी आवाज
आशा भोंसले ने अपने करियर में 12 हजार से ज्यादा गीत गाए और 20 से अधिक भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उनकी गायकी ने हर दौर और हर पीढ़ी को प्रभावित किया।
आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत, उनकी आवाज और उनकी संवेदनाएं हमेशा जीवित रहेंगी। भारतीय संगीत इतिहास में उनका नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

