बीकानेर में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर निशांत जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बीकानेर जिले को सभी स्वास्थ्य सूचकांकों पर प्रदेश में अग्रणी बनाए रखा जाए।
डेंगू और मलेरिया नियंत्रण पर विशेष जोर
मौसमी बीमारियों की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस वर्ष डेंगू और मलेरिया के मामलों को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। इसके लिए नगर निगम और चिकित्सा विभाग को तुरंत फील्ड में सक्रिय होने के आदेश दिए गए।
फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियों को तेज करने, घर-घर सर्वे कराने और एक भी केस मिलने पर तत्काल नियंत्रण उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए।
ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स की बैठक
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे ब्लॉक स्तर पर होने वाली मंडे मीटिंग के साथ ही चिकित्सा विभाग की टास्क फोर्स की बैठक भी आयोजित करें। इससे स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
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दवा योजना और आयुष्मान योजना पर फोकस
मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान दवा योजना के तहत सभी चिकित्सा संस्थानों में दवाइयों की 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अधिक से अधिक पैकेज बुक करने और आमजन को इसका लाभ देने पर जोर दिया गया।
उपकरण पंजीकरण की समय सीमा तय
सभी चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिया गया कि वे 13 अप्रैल तक उपलब्ध उपकरणों का ई-उपकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करें। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में मरम्मत कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
एनीमिया और टीबी मुक्त अभियान को गति
जिले को चरणबद्ध तरीके से पहले गंभीर एनीमिया मुक्त और फिर पूर्ण एनीमिया मुक्त बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत कम से कम 180 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने का लक्ष्य तय किया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
जिला कलेक्टर ने सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर सिजेरियन डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में यह सुविधा केवल नोखा में उपलब्ध है।
इसके अलावा बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर संचारी बीमारियों की स्क्रीनिंग बढ़ाने, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
किशोरियों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान
14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी टीकाकरण का लाभ अधिक से अधिक देने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव हो सके।
निष्कर्ष
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और आमजन तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर व्यापक रणनीति बनाई गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि बीकानेर स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी अग्रणी स्थिति को बनाए रखे।

