बीकानेर शहर में अक्षय तृतीया के मौके पर पतंगबाजी को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हर तरफ खुशी, उमंग और जोश का माहौल है, लेकिन इस आनंद के बीच जरा सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
शहर में बिजली वितरण संभाल रही बीकेएसएल ने लोगों से अपील की है कि पतंग उड़ाते समय विद्युत लाइनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। यदि पतंग बिजली के तारों में फंस जाए तो उसे निकालने की कोशिश न करें, खासकर लोहे, एल्युमीनियम या गीली लकड़ी जैसी वस्तुओं से, क्योंकि ये बिजली के सुचालक होते हैं और जानलेवा करंट का खतरा पैदा कर सकते हैं।
विशेष रूप से चाइनीज मांझे के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है। यह मांझा धातु युक्त होता है, जिससे बिजली के संपर्क में आते ही गंभीर हादसा हो सकता है। इसके अलावा, दो तारों को एक साथ छूने पर बिजली सप्लाई में फॉल्ट और घरों में हाई वोल्टेज का खतरा भी बढ़ जाता है।
पतंग उड़ाने के लिए खुले मैदान का चयन करना सबसे सुरक्षित माना गया है। बच्चों को अकेले पतंग न उड़ाने दें और उन्हें समय-समय पर सुरक्षा के बारे में जागरूक करें। साथ ही, पतंग लूटने के दौरान भी सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि बच्चे अक्सर बिना देखे दौड़ पड़ते हैं और ट्रांसफार्मर या सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो सकते हैं।
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कुल मिलाकर, इस उत्सव को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए थोड़ी सतर्कता बेहद जरूरी है।

