ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ रहा है जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं। पाकिस्तान भी इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहले से आर्थिक तंगी और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह स्थिति और गंभीर हो गई है।
इसी बीच पाकिस्तान सरकार एक बड़े फैसले की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, देशभर में पूर्ण लॉकडाउन की बजाय ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ लागू करने की योजना बनाई गई है, ताकि ऊर्जा की खपत को कम किया जा सके और आर्थिक गतिविधियां भी पूरी तरह ठप न हों।
क्या है सरकार का ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ प्लान?
सरकार का यह प्लान पूरी तरह संतुलन पर आधारित है, जिसमें ऊर्जा बचत के साथ-साथ जरूरी कामकाज को जारी रखने की कोशिश की जाएगी।
बाजार और सार्वजनिक गतिविधियों पर नियंत्रण
प्रस्ताव के अनुसार, देशभर में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 9:30 बजे तक ही खुले रहेंगे। इसके अलावा शादी समारोहों में मेहमानों की संख्या अधिकतम 200 तक सीमित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य बिजली और ईंधन की खपत को कम करना है।
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हाइब्रिड वर्किंग मॉडल लागू होगा
सरकारी दफ्तरों में हाइब्रिड वर्किंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
- 5 दिन काम करने वाले कर्मचारी: 3 दिन ऑफिस, 2 दिन वर्क फ्रॉम होम
- 6 दिन काम करने वाले कर्मचारी: 4 दिन ऑफिस, 2 दिन घर से काम
इसके साथ ही 50% रोस्टर सिस्टम लागू करने की योजना है, ताकि ऑफिस में कर्मचारियों की संख्या सीमित रखी जा सके।
डिजिटल निगरानी और सख्ती
सरकार नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल अटेंडेंस और साप्ताहिक ऑडिट सिस्टम लागू कर सकती है। निजी कंपनियों को भी इसी तरह के नियम अपनाने के निर्देश दिए जा सकते हैं, जिसमें 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य किया जा सकता है।
सरकारी गाड़ियों के उपयोग पर सख्ती
सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर सख्त नियम प्रस्तावित हैं।
- अनावश्यक उपयोग पर जुर्माना
- वाहन जब्त करने तक की कार्रवाई
- वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘पूल ट्रांसपोर्ट’ व्यवस्था
इसका मकसद पेट्रोल-डीजल की खपत को न्यूनतम करना है।
ऊर्जा बचत के विशेष उपाय
- सरकारी दफ्तरों में सुबह 10:30 बजे से पहले एसी चलाने पर रोक
- 60 दिनों के भीतर 50% सरकारी इमारतों को सोलर एनर्जी पर शिफ्ट करने का लक्ष्य
आर्थिक स्तर पर संभावित बदलाव
सरकार वित्तीय सुधारों पर भी विचार कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
- कर्मचारियों के ऊर्जा भत्तों में कटौती
- वाहन और संपत्ति टैक्स में बदलाव
- टोल टैक्स में बढ़ोतरी
- रेल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए किराए में छूट
क्यों जरूरी है यह कदम?
ऊर्जा संकट के कारण पाकिस्तान में बिजली और ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार का यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को संभालने और सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।

