बीकानेर में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। शहर के अर्हम् इंग्लिश एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को Bharatiya Shiksha Board से आधिकारिक संबद्धता मिल गई है। इस उपलब्धि की जानकारी देने के लिए विद्यालय परिसर में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार यह बीकानेर का पहला ऐसा स्कूल है जिसे भारतीय शिक्षा बोर्ड की मान्यता प्राप्त हुई है। इस संबद्धता के बाद यहां विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी शिक्षा भी दी जाएगी। पाठ्यक्रम में योग, प्राणायाम, आयुर्वेद, भारतीय दर्शन और वेदों का अध्ययन शामिल किया जाएगा।
विद्यालय के चेयरपर्सन Sunil Rawat ने बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार द्वारा स्थापित एक केंद्रीय शिक्षा बोर्ड है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देना होना चाहिए।
विद्यालय के संस्थापक सचिव Surendra Kumar Daga ने कहा कि उनका सपना था कि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की शिक्षा भी मिले। भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्धता मिलने के बाद यह सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि यह संस्था बीकानेर का पहला आधुनिक गुरुकुल बनने जा रही है।
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विद्यालय में योग, प्राणायाम और देशी खेलों को भी नियमित गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही विदेशी भाषाओं को भी पाठ्यक्रम में स्थान दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं बल्कि नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मूल्यों से भी जोड़ना है।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम की एक विशेषता यह भी है कि पाठ्यपुस्तकों के नाम भारतीय नक्षत्रों के आधार पर रखे जाएंगे, जबकि कक्षा कक्षों के नाम भारतीय ऋषियों, स्वतंत्रता सेनानियों और महान विद्वानों के नाम पर होंगे। इससे विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार बोर्ड का पाठ्यक्रम इस तरह तैयार किया गया है कि इससे छात्रों को आईएएस, आईपीएस, बैंकिंग, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी। सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, तर्कशक्ति और गणित जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालय में कौशल आधारित शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके। विद्यालय में विज्ञान, वाणिज्य और कला तीनों संकायों में अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
विद्यालय परिवार का मानना है कि इस नई पहल से बीकानेर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति आधारित ज्ञान प्राप्त करने का एक नया अवसर मिलेगा और इससे समाज को एक सशक्त, संस्कारित और जागरूक पीढ़ी तैयार करने में मदद मिलेगी।

