जयपुर ग्रामीण (बिचून गांव): राजस्थान की राजधानी के पास स्थित दूदू इलाके में बुधवार की रात एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। बिचून गांव के एक घर में जब लोग गहरी नींद में थे, तब वहां एक शख्स ने गुस्से और सनक में आकर अपने ही परिवार को उजाड़ दिया।
विवाद से विनाश तक का सफर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पति और उसकी पत्नी के बीच पिछले 60 दिनों से लगातार अनबन चल रही थी। छोटी-छोटी बातों से शुरू हुआ झगड़ा बुधवार रात करीब 12 बजे इस कदर बढ़ गया कि पति ने घर में रखी तलवार उठा ली। उसने सो रही पत्नी और अपनी मासूम 8 साल की बेटी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। तलवार के वार इतने घातक थे कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
वो सात घंटे: पछतावा या पत्थरदिली?
इस हत्याकांड का सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वह समय है जब चीख-पुकार शांत हो गई। रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक, आरोपी हत्यारा खून से लथपथ शवों के पास ही बैठा रहा।
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क्या वह अपने किए पर रो रहा था?
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क्या वह खुदकुशी करने की सोच रहा था?
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या वह किसी गहरी मानसिक सुन्नता (Numbness) में था?
पुलिस के लिए यह 7 घंटे की चुप्पी सबसे बड़ी पहेली बनी हुई है।
आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी
आमतौर पर ऐसे जघन्य अपराध के बाद अपराधी भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहाँ आरोपी ने सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीणों को खुद बुलाया और ठंडे दिमाग से अपना जुर्म कबूला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

