Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: खेजड़ी संरक्षण आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान, संवाद से बनी सहमति – Bikaner News
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > बीकानेर > खेजड़ी संरक्षण आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान, संवाद से बनी सहमति – Bikaner News
बीकानेर

खेजड़ी संरक्षण आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान, संवाद से बनी सहमति – Bikaner News

editor
editor Published February 15, 2026
Last updated: 2026/02/15 at 1:40 PM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

बीकानेर। राजस्थान की पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक माने जाने वाले खेजड़ी वृक्ष को बचाने के लिए बीकानेर में चला आंदोलन अंततः संवाद और सहमति के साथ समाप्त हो गया। संत समाज की अगुवाई, समाज की एकजुटता और प्रशासन की सक्रिय भूमिका के चलते यह आंदोलन शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचा। इसे पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक संवाद की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

Contents
1730 की विरासत से मिली प्रेरणासोलर परियोजनाओं से बढ़ा विवाद363 आमरण अनशन ने बदली दिशाप्रशासन ने संभाली कमानलिखित आश्वासन और संशोधित मसौदाआगे की राह और अनुत्तरित सवालसंवाद की जीत

1730 की विरासत से मिली प्रेरणा

आंदोलन की पृष्ठभूमि 1730 के खेजड़ली बलिदान से जुड़ी रही, जब अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 लोगों ने खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए थे। “सर साटे रूख रहे तो भी सस्तो जाण” की भावना को आंदोलन का नैतिक आधार बनाया गया। धरनास्थल पर शहीदों के चित्रों के माध्यम से समाज ने अपनी ऐतिहासिक प्रतिबद्धता दोहराई।

सोलर परियोजनाओं से बढ़ा विवाद

बीकानेर क्षेत्र में सोलर परियोजनाओं और विकास कार्यों के चलते खेजड़ी कटाई को लेकर असंतोष गहराया। समाज का आरोप था कि 1983 से लागू संरक्षण कानून के बावजूद अंधाधुंध कटाई हो रही है। मांगों में अवैध कटाई पर रोक, दोषियों पर कार्रवाई, अनिवार्य पुनर्वनीकरण और सोलर परियोजनाओं में पर्यावरणीय शर्तें शामिल थीं।

363 आमरण अनशन ने बदली दिशा

आंदोलन ने निर्णायक रूप तब लिया जब 363 लोगों ने आमरण अनशन की घोषणा की। यह संख्या ऐतिहासिक बलिदान का प्रतीक थी। धरनास्थल पर सैकड़ों लोग मौजूद रहे, लेकिन संत समाज ने लगातार शांति और संयम की अपील की। पूरा आंदोलन अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा।

- Advertisement -

प्रशासन ने संभाली कमान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर संवाद का रास्ता खोला। प्रशासनिक टीम ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

बीच-बीच में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी सामने आईं। कुछ अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर अस्थायी चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की गई। इससे संभावित संकट टल गया।

लिखित आश्वासन और संशोधित मसौदा

राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने संत समाज को लिखित आश्वासन सौंपा। प्रारंभिक मसौदे पर कुछ आपत्तियां उठीं, जिसके बाद संवाद के माध्यम से संशोधित पत्र तैयार किया गया। इसमें मांगों को अधिक स्पष्ट और व्यापक रूप में शामिल किया गया।

अंततः एकादशी के दिन संत समाज की उपस्थिति में सर्वसम्मति से अनशन समाप्त हुआ। वातावरण भावुक था और इसे समाज की एकजुटता की जीत बताया गया।

आगे की राह और अनुत्तरित सवाल

हालांकि आंदोलन समाप्त हो गया, लेकिन कुछ अहम प्रश्न अब भी चर्चा में हैं—
क्या संरक्षण कानून का कड़ाई से पालन होगा?
क्या विकास और पर्यावरण में संतुलन के लिए स्पष्ट नीति बनेगी?
क्या सोलर परियोजनाओं के साथ अनिवार्य वृक्षारोपण को कानूनी रूप दिया जाएगा?

राज्य स्तर पर सोलर परियोजनाओं के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव विचाराधीन बताया जा रहा है। यदि इसे लागू किया जाता है तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

संवाद की जीत

बीकानेर का यह घटनाक्रम दर्शाता है कि जब समाज संयम रखे, संत मार्गदर्शन दें और प्रशासन संवेदनशीलता दिखाए, तो जटिल विवाद भी शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाए जा सकते हैं।

खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक अस्मिता और पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक है। तीन सदियों पुरानी विरासत से प्रेरित यह आंदोलन साबित करता है कि समाज आज भी अपनी हरियाली की रक्षा के लिए सजग है।


Share News
Chat on WhatsApp

editor February 15, 2026
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25% नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया शुरू – Bikaner News
बीकानेर
महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज – Mahashivratri
बीकानेर
रिश्तेदारों पर जेवर और नकदी हड़पने का आरोप, मामला दर्ज – Bikaner News
बीकानेर
गाड़ी रुकवाकर लूटपाट, पासवर्ड लेकर रकम ट्रांसफर, चार गिरफ्तार – Bikaner News
बीकानेर
खेजड़ी संरक्षण आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान, संवाद से बनी सहमति – Bikaner News
बीकानेर
दहेज प्रताड़ना के आरोप में विवाहिता को जिंदा जलाने का मामला – Bikaner News
बीकानेर
सेना का ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, चार जवान हुए घायल – Bikaner News
बीकानेर
भारत उभरती अर्थव्यवस्था, AI समिट के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान: UN प्रमुख – National News
देश-दुनिया

You Might Also Like

बीकानेर

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25% नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया शुरू – Bikaner News

Published February 15, 2026
बीकानेर

महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज – Mahashivratri

Published February 15, 2026
बीकानेर

रिश्तेदारों पर जेवर और नकदी हड़पने का आरोप, मामला दर्ज – Bikaner News

Published February 15, 2026
बीकानेर

गाड़ी रुकवाकर लूटपाट, पासवर्ड लेकर रकम ट्रांसफर, चार गिरफ्तार – Bikaner News

Published February 15, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?