बीकानेर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 13 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के मामले में हरियाणा के फतेहाबाद जिले की साइबर थाना पुलिस ने बीकानेर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान लाखोटियों का चौक निवासी वेदप्रकाश छगानी के रूप में हुई है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
व्हाट्सऐप कॉल से रची गई साजिश
साइबर थाना प्रभारी राहुल देव के अनुसार भूना के वार्ड नंबर 10 निवासी सेवानिवृत्त वीएलडीए लेखराज ने शिकायत दर्ज करवाई थी। 6 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर सेल का अधिकारी बताया।
आरोपी ने दावा किया कि लेखराज के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में धन ट्रांसफर के लिए हुआ है। भय पैदा करने के लिए आरबीआई के नाम से एक फर्जी पत्र भी भेजा गया और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई।
13 लाख से अधिक की राशि ट्रांसफर
डर और दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने 7 नवंबर से 11 नवंबर 2025 के बीच आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग खातों में आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से 13 लाख 5 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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जब रकम वापस नहीं आई और आरोपियों ने और पैसे की मांग शुरू कर दी, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
बीएनएस के तहत मामला दर्ज
प्रारंभिक जांच के आधार पर 17 नवंबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। इस प्रकरण में दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब बीकानेर से पकड़े गए आरोपी से नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
डिजिटल अरेस्ट से सावधान रहने की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, वीडियो कॉल या व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से खुद को पुलिस, सीबीआई, साइबर सेल या आरबीआई अधिकारी बताकर डराने-धमकाने वालों से सतर्क रहें। किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन पर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं दिए जाते। संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

