गणतंत्र दिवस से पहले पद्म पुरस्कार 2026 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष पद्म सम्मानों के लिए कुल 45 प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नामों पर सहमति बन चुकी है। इनमें चिकित्सा, शिक्षा, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आजीविका सृजन, लोककला और पारंपरिक संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में वर्षों से निरंतर योगदान देने वाले लोग शामिल हैं।
सूची में डॉ. श्याम सुंदर और ब्रज लाल भट्ट जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर समाज पर गहरी छाप छोड़ी है। हालांकि, इन नामों की औपचारिक घोषणा सरकार की ओर से परंपरा के अनुसार गणतंत्र दिवस के अवसर पर किए जाने की संभावना है।
‘अनसंग हीरोज़’ पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों का कहना है कि इस बार भी पद्म पुरस्कारों में ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी गई है, जो लंबे समय तक जमीनी स्तर पर काम करते रहे, लेकिन कभी सुर्खियों में नहीं आए। सरकार की मंशा ऐसे ‘अनसंग हीरोज़’ को सामने लाने की है, जिनका योगदान समाज के लिए स्थायी और प्रेरणादायक रहा है। सूची में कई नाम हाशिए पर पड़े समुदायों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
किन क्षेत्रों से जुड़े हैं चयनित नाम
संभावित पुरस्कार विजेताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा के प्रसार, पर्यावरण संरक्षण, पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को संजोने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही सामाजिक समरसता और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में भी इनका योगदान उल्लेखनीय माना जा रहा है।
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संभावित पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची
सूत्रों के अनुसार, जिन 45 नामों पर विचार अंतिम चरण में है, उनमें अनके गौड़ा, आर्मिडा फर्नांडिस, भगवानदास रायकर, भिकल्या लाडक्या धिंडा, ब्रज लाल भट्ट, बुधरी ताती, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव, गफरुद्दीन मेवाती जोगी, के. पाजनिवेल, कैलाश चंद्र पंत, कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी, महेंद्र कुमार मिश्रा, मोहन नागर, नरेश चंद्र देव वर्मा, श्याम सुंदर, तगा राम भील, विश्व बंधु, युमनाम जात्रा सिंह सहित अन्य नाम शामिल हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि यह सूची अभी अनौपचारिक बताई जा रही है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि इसमें बड़े बदलाव की संभावना कम है। अब सभी की निगाहें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाएगी।

