राजस्थान के ग्रामीण इलाकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के प्रथम फेज में राज्य के 28 जिलों में बड़े पैमाने पर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस चरण के तहत कुल 1216 नई ग्रामीण सड़कों और एक पुल का निर्माण प्रस्तावित है, जिस पर 2089 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इन सभी परियोजनाओं को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 3219 किलोमीटर होगी, जिससे दूर-दराज़ के गांवों को मुख्य सड़कों और कस्बों से जोड़ा जा सकेगा।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नई सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं छात्रों और मरीजों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी। रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
इन 28 जिलों में बनेंगी सड़कें
सरकारी जानकारी के अनुसार अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, जोधपुर, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, फलौदी, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर और उदयपुर जिलों में नई सड़कें बनाई जाएंगी।
इसके अलावा प्रतापगढ़ जिले में 6.72 करोड़ रुपये की लागत से 100 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
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पहले ही बन चुकी हैं 75 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले तीन चरणों में राजस्थान में 75,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। चौथा चरण इस नेटवर्क को और विस्तृत करेगा।
क्या है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत वर्ष 2000 में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की और हर मौसम में चलने योग्य सड़कों से जोड़ना है, ताकि गांवों का सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।

