बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले जारी, जेसोरे में हिंदू व्यक्ति की गोली मारकर हत्या
बांग्लादेश में जारी अस्थिरता के बीच अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जेसोरे जिले के मोनिरामपुर उपजिला से सामने आया है, जहां एक हिंदू व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बीते तीन हफ्तों के भीतर यह इस तरह की पांचवीं वारदात है।
बाजार में हमला, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, राणा प्रताप बैरागी केशबपुर उपजिला के रहने वाले थे। सोमवार शाम करीब छह बजे वह मोनिरामपुर के कपालिया बाजार में मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक गोलियां चला दीं। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
तीन हफ्तों में बढ़ा हिंसा का ग्राफ
राणा प्रताप बैरागी की हत्या को हाल के दिनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा की कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। दिसंबर के मध्य से अब तक कई जिलों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। 18 दिसंबर को मैमेनसिंह में एक कपड़ा फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ दिन बाद पांग्शा उपजिला में अमृत मंडल की जान गई। मैमेनसिंह में ही बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसी महीने 50 वर्षीय व्यापारी खोकोन दास पर हमला हुआ था, जिनकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई।
भारत ने जताई गंभीर चिंता
बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत पहले ही चिंता जता चुका है। पिछले महीने विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमलों की हजारों घटनाएं दर्ज की गई हैं। भारत ने बांग्लादेश से अपेक्षा जताई है कि वह हिंदू, ईसाई और बौद्ध समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
- Advertisement -
जांच में जुटी स्थानीय प्रशासन
फिलहाल राणा प्रताप बैरागी की हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस जांच कर रही है। हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

