आंध्र प्रदेश: मोरी गांव में ONGC के कुएं में आग, इलाके में आपात स्थिति
आंध्र प्रदेश के डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनासीमा जिले के मोरी गांव में सोमवार को ONGC के एक तेल कुएं में हुए हादसे से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। गैस रिसाव के बाद अचानक विस्फोट हुआ, जिसके चलते कुएं में भीषण आग लग गई। यह हादसा मोरी-5 नामक तेल कुएं में हुआ, जिसका संचालन निजी कंपनी दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर रही थी।
मरम्मत कार्य बना हादसे की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह तेल कुआं कुछ समय से उत्पादन से बाहर था और इसमें तकनीकी मरम्मत का काम चल रहा था। वर्कओवर रिग के जरिए कुएं की रिपेयरिंग के दौरान अचानक अंदर अत्यधिक दबाव बन गया। इसी दबाव के कारण तेज धमाका हुआ और कुएं से गैस तथा कच्चे तेल का ऊंचा गुबार बाहर निकल आया, जिसने तुरंत आग का रूप ले लिया।
प्रशासन ने खाली कराए गांव
आग की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन आसपास के इलाकों को खाली कराने का फैसला लिया। मलिकीपुरम मंडल के इरुसुमांडा समेत कई नजदीकी गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई परिवार अपने मवेशियों के साथ गांव छोड़कर बाहर चले गए, जिससे पूरे क्षेत्र में आपात हालात बन गए।
जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं
ONGC के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में अब तक किसी की मौत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही राजमुंदरी से ONGC की वरिष्ठ टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की गई। जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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खेती को भी हुआ नुकसान
आग की लपटों ने आसपास के कृषि क्षेत्र को भी प्रभावित किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 500 नारियल के पेड़ आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने ली रिपोर्ट
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना की जानकारी लेकर संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों से चर्चा की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि गैस रिसाव को जल्द से जल्द रोका जाए और प्रभावित लोगों की सुरक्षा व सहायता सुनिश्चित की जाए। फिलहाल ONGC की तकनीकी टीमें आग बुझाने, पाइपलाइन की मरम्मत और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।

