नई दिल्ली। वेनेजुएला में शनिवार तड़के अमेरिकी सैन्य बलों (Delta Force) द्वारा की गई अचानक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इस ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया। इस नाटकीय घटना पर भारतीय संसद सदस्य, लेखक और पूर्व अंतरराष्ट्रीय राजनयिक शशि थरूर ने कड़ा बयान दिया है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
कांग्रेस सांसद और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की “मौत” करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे “Might is Right” यानी शक्ति ही सत्य वाली विचारधारा का उदय बताया। थरूर ने लिखा कि आज दुनिया में ‘जंगल का कानून’ व्याप्त है, जहां शक्ति ही सर्वोपरि हो गई है।
उनका कहना है कि अमेरिका जैसी महाशक्तियां अब अंतरराष्ट्रीय नियमों की परवाह किए बिना दूसरे देशों की संप्रभुता में सीधे हस्तक्षेप कर रही हैं। यह वैश्विक स्थिरता के लिए खतरे की घंटी है और भविष्य में अन्य देशों द्वारा भी इसी तरह की कार्रवाइयों को जायज ठहराने का रास्ता खोल सकता है।
ट्रंप का काइनेटिक ऑपरेशन और तेल का खेल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम दिया और मादुरो को ‘नार्को-आतंकवादी’ बताते हुए न्यूयॉर्क की जेल में रखा। ट्रंप के अनुसार वेनेजुएला अस्थायी रूप से अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा जब तक वहां “सुरक्षित और न्यायपूर्ण सत्ता परिवर्तन” नहीं होता।
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विशेषज्ञों और थरूर का मानना है कि इस कार्रवाई के पीछे केवल लोकतंत्र बहाल करने का उद्देश्य नहीं बल्कि वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर नियंत्रण स्थापित करना मुख्य कारण है। थरूर ने चेतावनी दी कि यह संसाधनों के लिए शक्ति प्रयोग की खतरनाक मिसाल बन सकती है।
भारतीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं
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अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे 21वीं सदी में 19वीं सदी का साम्राज्यवाद बताया।
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असदउद्दीन ओवैसी ने भारत सरकार से कहा कि अगर अमेरिका वेनेजुएला में मादुरो को पकड़ सकता है, तो भारत को पाकिस्तान जाकर 26/11 के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को पकड़ना चाहिए।
वैश्विक राजनीति में बदलाव
थरूर के अनुसार यदि महाशक्तियां इसी तरह एकतरफा कार्रवाई करेंगी, तो संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने चेताया कि आज वेनेजुएला में गैंगस्टरवाद स्वीकार किया गया, तो कल कोई अन्य देश भी किसी संप्रभु राष्ट्र के नेता के साथ ऐसा ही कर सकता है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीतिक संवाद की अपील की है। साथ ही वेनेजुएला में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की गई है।

