

अजमेर:
ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 813वें उर्स के अवसर पर हजारों जायरीन अजमेर पहुंचे हैं। मंगलवार को कुल की रस्म अदा की जाएगी, और इस मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। खासकर पाकिस्तान से 89 जायरीन का जत्था तड़के 3 बजे अजमेर रेलवे स्टेशन पहुंचा, और उनके स्वागत के लिए भारी पुलिस बल तैनात था।
पाकिस्तानी दूतावास के दो अधिकारी भी इस जत्थे के साथ थे, और उन्होंने इस दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान से आए जायरीन ने कहा कि वे अजमेर आकर खुश हैं और यहां से पूरी दुनिया के लिए शांति और अमन की दुआ करेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि वे दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दुआ करेंगे।
सुरक्षा इंतजाम:
अजमेर रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात था। सीआईडी जोन ने सेंट्रल गर्ल्स स्कूल में जायरीनों के ठहरने की व्यवस्था की है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्कूल के प्रवेशद्वार और छत पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा, दो डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर भी लगाए गए हैं, और यहां से बाहर निकलने वाले जायरीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा।
अजमेर में बढ़ाई गई सुरक्षा:
अजमेर एसपी वंदिता राणा ने बताया कि पाकिस्तानी जायरीन की सुरक्षा के लिए 200 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर पूरे शहर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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अवधि में कमी:
ख्वाजा साहब के उर्स में इस बार पाकिस्तान से आने वाले जायरीन का आंकड़ा 100 के भीतर सिमट कर रह गया है। सूत्रों के अनुसार, 89 पाक जायरीन अटारी बॉर्डर से भारत में दाखिल हुए थे और दिल्ली से अजमेर के लिए ट्रेन में यात्रा की थी, जो तड़के तीन बजे अजमेर पहुंची।
जायरीन की प्रसन्नता:
अजमेर पहुंचे जायरीन ने शहर को खूबसूरत और यहां के लोगों को नेक दिल वाला बताया। वे इस यात्रा को अपने लिए सौभाग्य मानते हैं और अजमेर में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करने की बात भी कही।