

गृह मंत्रालय का आदेश
गृह मंत्रालय ने Google और Apple को निर्देश दिया है कि कुछ वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) एप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाए।
- आदेश की तारीख: 29 अक्टूबर।
- स्रोत: इस जानकारी को Lumen डेटाबेस पर दर्ज किया गया।
- प्रभाव: Google Play Store और Apple App Store से कई VPN एप्स को हटा दिया गया है।
हटाए गए एप्स की सूची
- 1.1.1.1 एप (Cloudflare)
- Touch VPN
- X-VPN
- Hide.me
- PrivadoVPN
उपलब्ध VPN एप्स: Proton VPN, Express VPN, Private Internet Access, और Mullvad जैसे एप्स अब भी उपलब्ध हैं।
कार्रवाई का कारण
- 2022 के नियम:
- भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने अप्रैल 2022 में एक आदेश जारी किया।
- VPN प्रदाताओं को ग्राहकों की जानकारी जैसे नाम, पता, IP एड्रेस और संपर्क विवरण पांच वर्षों तक स्टोर करने को कहा गया।
- VPN कंपनियों का विरोध:
- कुछ कंपनियों ने इन नियमों का पालन करने के बजाय भारत में अपने भौतिक सर्वर बंद कर दिए।
- हालांकि, उन्होंने अपनी सेवाएं चालू रखीं।
सरकार और VPN प्रदाताओं के बीच विवाद
VPN सेवाएं उपयोगकर्ताओं को गोपनीयता और सुरक्षा प्रदान करती हैं।

- सरकार का तर्क:
- राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए यह जानकारी जरूरी है।
- VPN कंपनियों का रुख:
- यह उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और स्वतंत्रता के खिलाफ है।
क्या हो सकता है आगे?
- VPN उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव:
- उपयोगकर्ताओं को सीमित विकल्प मिल सकते हैं।
- गोपनीयता बनाम सुरक्षा:
- गोपनीयता की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन ढूंढना जरूरी है।
नोट:
VPN एप्स हटाने के इस कदम का उद्देश्य साइबर सुरक्षा और डेटा प्रबंधन को मजबूत करना है। उपयोगकर्ताओं को नियमों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।