

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को भारतीय संसद में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट पेश करेंगी। यह निर्मला सीतारमण का बतौर वित्त मंत्री आठवां बजट होगा, जिसमें छह वार्षिक बजट और दो अंतरिम बजट शामिल हैं।
केंद्रीय बजट 2025 का उद्देश्य सरकार की आय और व्यय का खाका तैयार करना है। इसे तीन प्रमुख भागों में बांटा जाता है: संतुलित बजट, अधिशेष बजट और घाटे का बजट। अधिकतर देशों की तरह भारत का बजट भी घाटे का ही होता है, और यह अब तक स्वतंत्रता के बाद से जारी है।
अंतरिम बजट और आम बजट में अंतर:

- आय का विवरण: अंतरिम बजट में सरकार की आय के सभी स्रोतों का विस्तृत विवरण नहीं होता, जबकि आम बजट में सभी स्रोतों का विस्तृत विवरण दिया जाता है।
- पेश करने की तारीख: अंतरिम बजट चुनाव से पहले जारी किया जाता है, जबकि आम बजट हर साल 1 फरवरी को पेश होता है।
- चर्चा: अंतरिम बजट पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं होती, जबकि आम बजट पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा की जाती है।
- धन आवंटन: अंतरिम बजट में केवल चुनाव तक के खर्चों के लिए धन आवंटित किया जाता है, जबकि आम बजट में पूरे वित्तीय वर्ष के लिए धन का आवंटन होता है।
- नई योजनाएं और नीतियां: अंतरिम बजट में नई योजनाओं का ऐलान नहीं किया जाता, लेकिन आम बजट में नई योजनाओं और नीतियों की घोषणा की जाती है।
बजट 2025 का पेश होने का समय: केंद्रीय बजट 2025 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा, और इस दिन भारतीय शेयर बाजार खुले रहेंगे, भले ही यह शनिवार हो।