खबर21आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि पीपीबीएल से जुड़े वॉलेट्स को अन्य बैंकों से जोड़ने की समयसीमा 15 मार्च तय की गई है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च तक दिया गया समय पर्याप्त है और इसे और बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
80 से 85 प्रतिशत पेटीएम वॉलेट ग्राहकों को पेटीएम पेंमेंट्स बैंक पर हुई कार्रवाई से कोई असुविधा नहीं होगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को ये बातें कही। उन्होंने कहा कि पेटीएम वॉलेट के 80-85 प्रतिशत उपयोगकर्ताओं को नियामकीय कार्रवाइयों की वजह से किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और शेष उपभोक्ताओं को अपने एप को दूसरे बैंकों से जोड़ने की सलाह दी गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 31 जनवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) को किसी भी ग्राहक के खाते में जमा, क्रेडिट लेनदेन या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया था।आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पीपीबीएल से जुड़े वॉलेट को अन्य बैंकों से जोड़ने की समयसीमा 15 मार्च तय की गई है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च तक दिया गया समय पर्याप्त है और इसे और बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
आरबीआई गवर्नर ने फेरारी का उदाहरण देते हुए कही यह बात
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आरबीआई गवर्नर ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि कोई भी फेरारी का मालिक हो सकता है और चला सकता है लेकिन फिर भी हादसों से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन करना पड़ता है। यह पूछे जाने पर कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) पेटीएम भुगतान एप के लाइसेंस पर कब तक निर्णय करेगा, दास ने कहा कि उसे इसकी आंतरिक जांच करनी होगी
उन्होंने कहा, जहां तक आरबीआई का सवाल है, हमने उन्हें सूचित किया है कि एनपीसीआई अगर पेटीएम पेमेंट एप को जारी रखने पर विचार करता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि हमारी कार्रवाई पेटीएम पेमेंट बैंक के खिलाफ थी।
एप एनपीसीआई के पास है… एनपीसीआई फैसला लेगा… मुझे लगता है कि उन्हें जल्द ही फैसला करना चाहिए। पेटीएम के प्रवर्तक विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम पेमेंट बैंक के अंशकालिक गैर-कार्यकारी चेयरमैन पद से पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था और बैंक के निदेशक मंडल का पुनर्गठन किया गया है।

