बीकानेर। आर्टिफिश्यिल इंटेलीजेंस (एआइ) का इस्तेमाल कर ठगोरे लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी कर रहे है। एआइ तकनीक से खुद को पुलिस अफसर बताकर वीडियो कॉल पर 10 साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में युवक को गिरफ्तार करने की कहानी सुनाई। युवक अपने परिजन से हाथ जोड़कर छुडवाने के लिए गिड़गिड़ा रहा था। एआइ से बने वर्दीवाले अफसरों ने बचाने के लिए 5 लाख मांगे। बुजुर्ग बुआ व चाचा ने तीन बार में डेढ़ लाख रुपए दे भी दिए। बात में भतीजे को कॉल किया तो पता चला वह तो घर पर है।
सुदामा नगर निवासी परिवार ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। परिवार के मुखिया के मुताबिक, वह परिवार के साथ शादी में खरगोन गए थे। परिवार की बुजुर्ग महिला के मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। कॉल पर पुलिस अफसर का फोटो नजर आया, आवाज आती है कि मैं गुना पुलिस का अफसर बोल रहा हूं। आपके भतीजे को एक वाटेंड अपराधी के साथ पकड़ा है। अपराधी पर दस साल की बच्ची से बलात्कार का आरोप है। वह आपके भतीजे के भी शामिल होने का आरोप लगा रहा है। एक ओर भतीजे को पीटने की आवाज आ रही है। भतीजा बोल रहा है, बुआ मुझे बचा लो, नहीं तो यह लोग जेल पहुंचा देंगे।
बुआ के साथ अन्य लोग रोने की आवाज सुनकर दंग रहे गए। पुलिस अफसर बोला, अगर इसे बचाना है तो बच्ची के परिजन को 5 लाख देना होंगे। बुआ, चाचा व अन्य लोगों ने तीन बार में 50-50 हजार रुपए दिए । एक बार बैंक खाते और दो बार ई वॉलेट में पैसे दिए । परिवार खरगोन से इंदौर आ गया, इस बीच लगातार कथित पुलिस अफसर के और राशि के लिए मैसेज आते रहे। इंदौर आकर परिवार ने भतीजे को फोन लगाया तो पता चला कि वह तो घर पर है, किसी पुलिस ने नहीं पकड़ा। फ्रॉड उजागर हुआ तो पुलिस में शिकायत की।
पुलिस-जांच एजेंसी कभी कॉल कर नहीं मांगती पैसे टॉपिक एक्सपर्ट-चातक वाजपेयी, साइबर एक्सपर्ट
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ऑनलाइन ठगी के लिए बदमाश एआइ तकनीक का इस्तेमाल कर रहे है। पुलिस अफसर के फोटो लगाकर कॉल करना, फर्जी ऑफिस दिखाने का काम एआइ तकनीक से हो रहा है। एचडी वीडियो कॉल होता है जिससे लोग शंका नहीं कर पाते और ठगी का शिकार हो जाते है। इस तरह की घटनाएं बढ़ रही है, लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। पुलिस अथवा अन्य जांच एजेंसी कभी इस तरह का कॉल कर रुपए नहीं मांगती है।

