बीकानेर। भारत और सऊदी अरब की सेनाओं का युद्धाभ्यास महाजन फायरिंग रेंज में सोमवार से शुरू होगा। दोनों देशों ने पिछले साल समुद्र में अभ्यास किया था। इसी महीने यूएई की सेना भी महाजन में अभ्यास कर चुकी है। इस अभ्यास को खाड़ी देशों के साथ सामरिक सहयोग बढ़ाने की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल भारत और सऊदी अरब दोनों ही देश आतंकवाद से जूझ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे के खाड़ी देशों का दौरा करने के बाद दोनों देशों के बीच पहला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 2021 में किया गया। भारत और सऊदी अरब रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। भारतीय नौसेना और रॉयल सऊदी नेवल फोर्स (आरएसएनएफ) के बीच द्विपक्षीय अभ्यास ‘अल मोहेद अल हिंदी-2023’ के दूसरे संस्करण के समुद्री चरण का आयोजन मई में हुआ था। अब 2024 में दोनों देशों की सेनाएं महाजन फायरिंग रेंज में जमीन पर अभ्यास करेंगी। इस दौरान ड्रोन हमलों से बचाव, टैंक, मिसाइल, राइफल्स आदि हथियारों को परखा जाएगा। इस अभ्यास को “सदा तनसीक” नाम दिया गया है। 9 फरवरी तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास के लिए दोनों देशों के 45-45 सैनिक महाजन पहुंच गए हैं। रक्षा सूत्रों के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य निर्मित क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद और विशेष बलों के अभियानों में अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना है। अभ्यास में विशेष बलों के लिए कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा, जिसमें सम्मिलन और निष्कर्षण की उन्नत तकनीक सीखना भी शामिल है। यह अभ्यास दोनों पक्षों के अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा उपकरणों की क्षमताओं को उजागर करने, साझा सुरक्षा उद्देश्यों की पहचान करने और उन्हें प्राप्त करने और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करेगा। यह दोनों देशों के बीच युद्धाभ्यास का तीसरा संस्करण है।

