

बीकानेर। पटना। बिहार में इस वक्त सियासी हलचल जारी है। आरजेडी और जेडीयू गठबंधन टूटने के कयास लगाए जा रहे है। दो दिन से ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली से लेकर पटना में शुक्रवार 26 जनवरी रात तक बैठकों का दौर चला। राबड़ी आवास पर लालू-तेजस्वी ने राजद कोटे के मंत्रियों के साथ बैठक की। इसमें तेजस्वी ने कहा आसानी से तख्तापलट नहीं होने देंगे। इतनी आसानी से दोबारा ताजपोशी नहीं होने देंगे। वहीं, नीतीश कुमार ने भी सीएम आवास पर अपने नेताओं के साथ मुलाकात की। उधर, दिल्ली में बिहार की सियासी हलचल को देखते हुए दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने भी मीटिंग की। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के महासचिव बीएल संतोष भी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि आरजेडी शनिवार को राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड करा सकती है। वहीं, भाजपा सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और रविवार 28 जनवरी को 9वीं बार सीएम पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड बना सकते हैं। इसे लेकर बीजेपी ने पटना में आज विधायक दल की बैठक बुलाई है। कांग्रेस के विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने के सवाल पर बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं। बीजेपी के ही 20 विधायक मेरे संपर्क में हैं। आगे कहा कि चुनाव के समय ऐसे सियासी उठापटक होते रहते हैं। हम लोग अपना काम करते रहेंगे। बिहार में वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘जो राजनीतिक गतिविधि हो रही है। उस पर हम नजर रखे हुए हैं। अभी तो लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार को जवाब देना है। भाजपा पूरी गंभीरता से नजर रखे हुए है कि क्या गतिविधि हो रही है, लेकिन इसमें भाजपा का कोई रोल नहीं है।’
