

उदयपुर।उदयपुर के 400 साल पुराने ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में लगा एक बोर्ड चर्चा में है। इस बोर्ड पर भक्तों को छोटे कपड़ पहनकर मंदिर में आने के लिए मना किया गया है। साथ ही भक्तों से पूरे कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश की अपील की गई है। सनातन धर्म की संस्कृति के बारे में बताया गया है। मंदिर में लगे पोस्टर में महिला और पुरुष दोनों के लिए हैं।हालांकि मंदिर के विनोद पुजारी ने बताया- मंदिर में शॉर्ट कपड़े नहीं पहनकर आने की अपील की गई है। मंदिर में अगर कोई स्वेच्छा से छोटे कपड़े पहनकर आ जाता है तो उसे प्रवेश से रोका नहीं जाएगा। ऐसा बोर्ड भक्तों को हिंदू संस्कृति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगाया गया है। ताकि वे आगे स्वेच्छा से इसकी पालना कर सकें।मंदिर की देखरेख करने वाली धर्मोत्सव समिति अध्यक्ष और जगन्नाथ रथयात्रा समिति संयोजक दिनेश मकवाना ने बताया- जनभावना को देखते हुए छोटे कपड़े पहनकर प्रवेश करने पर रोक का निर्णय लिया है। लोगों से अपील की जाती है कि वे मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर नहीं आएं। मंदिर में कुछ टूरिस्ट के शराब पीकर प्रवेश की भी शिकायत मिली है। इस पर समिति जल्द निर्णय लेगी।ये लिखा पोस्टर में मंदिर में लगे पोस्टर पर लिखा गया- सभी भक्तों को सूचित किया जाता है कि श्री जगदीश मंदिर परिसर में शॉर्ट टी शर्ट, शॉर्ट जींस, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, आदी पर प्रतिबंद लगा दिया गया है। कृपया इस नियम का विषेश ध्यान रखें। क्योंकि ऐसा करने पर मंदर में प्रवेश वर्जित है।मंदिर में किस तरह के कपड़े पहनने हैं। इसके भी पोस्टर लगाए गए। इसमें लड़के और लड़की दोनों के लिए गाइड लाइन है।वहीं, एक दूसरे पोस्टर में किस तरह के कपड़े पहनकर आने से इस बारे में बताया गया है। इस पोस्टर में महिला और पुरुष दोनों को दिखाया गया है।छोटे कपड़े पहन आने वालों के लिए मंदिर गेट पर बनेगा चेजिंग रूमजानकारी के अनुसार छोटे कपड़े पहनकर आने वालों के लिए मंदिर के गेट पर चेजिंग रूम बनाया जाएगा। जिसमें कुर्ते पायजामा और महिलाओं के लिए फुल स्लीव के कपड़े रखे जाएंगे। ताकि वे छोटे कपड़ों को चेंज करके मंदिर में प्रवेश कर सके।मंदिर में लगे पोस्टर में महिला और पुरुष दोनों के लिए छोटे कपड़े पहनकर आने की मनाही।सुंदर स्थापत्य कला व नक्काशी से टूरिस्ट के आकर्षण का केन्द्र है मंदिरबता दें कि जगदीश मंदिर का निर्माण मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह ने साल 1651 में करवाया था। सिटी पैलेस से इसकी दूरी महज 200 मीटर है। मंदिर में भगवान विष्णु स्वरूप भगवान जगदीश की मूर्ति है। इस मंदिर में सुंदर स्थापत्य कला और गजब की नक्काशीदार खंभों की वजह से यह टूरिस्ट के आकर्षण का केन्द्र है।वर्ष 1736 में मुगल शासक औरंगजेब की सेना के आक्रमण से मंदिर का बाहरी द्वार तोड़ दिया था, जिसे फिर से बनवाया गया। मंदिर की पहली और दूसरी मंजिल पर करीब 50 खंभे हैं और मंदिर की ऊंचाई करीब 125 फीट है।
