

बीकानेर – जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने रविवार को इंदिरा गांधी नहर में चल रही बंदी को लेकर जयपुर में समीक्षा बैठक की। दोनों विभाग के अधिकारियों ने नहरबंदी में पेयजल आपूर्ति की स्थिति और अभी पानी मिलने तक की व्यवस्था पर फीडबैक दिया। इसमें बताया गया कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना में हरिके बैराज से मंगलवार शाम को पानी छोड़ा जाएगा। जिसे राजस्थान में परियोजना के अंतिम छोर तक पहुंचने में पांच दिन का समय लगेगा।मुख्य अभियंता (नोर्थ) जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ ने बताया कि पंजाब सरकार ने आश्वस्त किया है कि 30 मई को नहर में जल प्रवाह के लिए गेट खोल दिए जाएंगे। पेयजल की प्राथमिकता के आधार पर सभी प्रभावित क्षेत्रों में नहर से पानी पंहुचाया जाएगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जोधपुर के मुख्य अभियंता परियोजना ने बताया कि आईजीएनपी पर सभी 10 जिलों के 49 शहर एवं 8 हजार 294 गांवों की लगभग 1.80 करोड़ आबादी पेयजल के लिए निर्भर है। वर्तमान में उपलब्ध जल से सुचारु जलापूर्ति की जा रही है। नहरबंदी की समाप्ति तक यह व्यवस्था रहेगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जल संसाधन विभाग, पंजाब सरकार से भी नियमित समन्वय स्थापित कर समयबद्ध रूप से इंदिरा गांधी नहर में पानी खुलवा लेंवे। स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी नहर का पानी आने तक भंडारित और वैकल्पिक व्यवस्था से लोगों की पेयजल आवश्यकता को पूरा करेंगे।जून के पहले सप्ताह में नियमित आपूर्ति जिले के शहरी व ग्रामीण अंचल में नहरबंदी से पूर्व भंडारित नहरी पानी से बीते एक महीने से एकांतर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जहां पानी नहीं पहुंच रहा, वहां जलदाय विभाग टैंकरों से पानी की आपूर्ति कर रहा है। परेशानी पेयजल लाइनों के अंतिम छोर की कॉलोनियों की है। जहां तक एक दिन के अंतराल से छोड़ा गया पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसी तरह एक से दूसरे गांव में जीएलआर से पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। अभी नहर में पानी छोड़ने के बाद पांच दिन तक डिग्ययों व जलाश्यों में पानी पहुंचेगा। ऐसे में करीब एक सप्ताह लोगों को पेयजल किल्लत का सामान और करना पड़ेगा।
