

बीकानेर। जिले के बज्जू इलाके में नहर टूट जाने से किसानों में हडक़ंच मच गया है क्योकि नहर का लाखों लीटर पानी खेतों में खड़ी फसलों में जा पहुंचा है जिससे किसानों को बहुत नुकसान हुआ है।
खाजूवाला के बाद अब बज्जू में नहर एक नहीं बल्कि चार जगह से टूट गई है। जिससे लाखों लीटर पानी किसानों के खेतों में पहुंच गया। इससे किसान की खेत में खड़ी फसल भी बर्बाद हो गई है।
इंदिरा गांधी नहर की रणजीतपूरा वितरिका 4 जगह से टूट गई है। शनिवार को नहर का पानी वितरिका के माध्यम से आगे बढऩे के बजाय लोगों के खेतों में पहुंच गया। कई खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए। बरसलपुर ब्रांच की 113 आरडी से निकलने वाली रणजीतपूरा वितरिका के 4 आरडीवाई में कटाव आया है। कई किसानों के खेत, डिग्गी, मकान, और ट्यूबवेल तक में पानी पहुंच गया। फसल के साथ ट्यूबवेल भी खराब हो गए हैं। कटाव आने की सूचना देने के बाद भी अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। दोपहर बाद अधिकारियो ने मौके पर पहुंचकर कटाव को रोकने का प्रयास किया। वितरिका में जहां कटाव आया है, वहां अब मिट्टी के कट्टे रखक पानी रोका जा रहा है।
छह महीने से क्षतिग्रस्त
किसानों का आरोप है कि पिछले छह महीने से नहर के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी जा रही है। इसके बाद भी मरम्मत में इस हिस्से को शामिल नहीं किया गया। पानी बढऩे के साथ ही इस पुराने हिस्से में चार जगह से कटाव आ गया। ऐसे में लाखों लीटर पानी खेतों में चला गया।
खाजूवाला में टूटी थी नहर
इसी महीने खाजूवाला की पूगल ब्रांच में भी कटाव आने से कई खेतों में पानी नहीं पहुंचा। यहां तक कि तीन दिन तक किसानों को बारी का पानी नहीं मिल सका। इसके बाद धरना प्रदर्शन करने पर किसानों को अतिरिक्त पानी देने के लिए नहर विभाग तैयार हुआ।
खाजूवाला के बाद अब बज्जू में नहर एक नहीं बल्कि चार जगह से टूट गई है। जिससे लाखों लीटर पानी किसानों के खेतों में पहुंच गया। इससे किसान की खेत में खड़ी फसल भी बर्बाद हो गई है।
इंदिरा गांधी नहर की रणजीतपूरा वितरिका 4 जगह से टूट गई है। शनिवार को नहर का पानी वितरिका के माध्यम से आगे बढऩे के बजाय लोगों के खेतों में पहुंच गया। कई खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए। बरसलपुर ब्रांच की 113 आरडी से निकलने वाली रणजीतपूरा वितरिका के 4 आरडीवाई में कटाव आया है। कई किसानों के खेत, डिग्गी, मकान, और ट्यूबवेल तक में पानी पहुंच गया। फसल के साथ ट्यूबवेल भी खराब हो गए हैं। कटाव आने की सूचना देने के बाद भी अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। दोपहर बाद अधिकारियो ने मौके पर पहुंचकर कटाव को रोकने का प्रयास किया। वितरिका में जहां कटाव आया है, वहां अब मिट्टी के कट्टे रखक पानी रोका जा रहा है।
छह महीने से क्षतिग्रस्त
किसानों का आरोप है कि पिछले छह महीने से नहर के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी जा रही है। इसके बाद भी मरम्मत में इस हिस्से को शामिल नहीं किया गया। पानी बढऩे के साथ ही इस पुराने हिस्से में चार जगह से कटाव आ गया। ऐसे में लाखों लीटर पानी खेतों में चला गया।
खाजूवाला में टूटी थी नहर
इसी महीने खाजूवाला की पूगल ब्रांच में भी कटाव आने से कई खेतों में पानी नहीं पहुंचा। यहां तक कि तीन दिन तक किसानों को बारी का पानी नहीं मिल सका। इसके बाद धरना प्रदर्शन करने पर किसानों को अतिरिक्त पानी देने के लिए नहर विभाग तैयार हुआ।