Bikaner में कृषि भूमि को लेकर धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का एक गंभीर मामला सामने आया है। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
परिवादी अल्लादीन निर्वाण ने आरोप लगाया है कि पनपालसर क्षेत्र स्थित खसरा नंबर 47 की कृषि भूमि को लेकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई। उनका कहना है कि यह जमीन पहले ही वैध रूप से बेची जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने साजिश कर उसी भूमि का दोबारा विक्रय कर दिया।
पहले ही हो चुकी थी रजिस्ट्री
शिकायत के अनुसार, यह जमीन वर्ष 1993 में विधिवत रजिस्टर्ड बैनामे के जरिए नीलम निर्वाण, छोटी निर्वाण और बसू मालावत के नाम की जा चुकी थी। तब से लेकर अब तक उक्त भूमि पर उनका कब्जा बना हुआ है।
इसके बावजूद, आरोप है कि संबंधित लोगों ने पूरी जानकारी होने के बाद भी उसी जमीन को दोबारा बेच दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
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किन-किन पर लगे आरोप
इस मामले में चुन्नीदेवी चौपड़ा, शान्तिलाल चौपड़ा, विमल कुमार चौपड़ा, विनोद कुमार चौपड़ा, सुमन देवी कोचर, सलमा और मोहम्मद इस्माइल खोखर सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
परिवादी की शिकायत पर न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
जांच के बाद होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जमीन के इस विवाद में किसकी भूमिका क्या रही।


