देशभर में 27 अप्रैल 2026 को “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत एक व्यापक जनआंदोलन देखने को मिल सकता है। इस दिन देश की हजारों तहसीलों और शहरों में लाखों गौभक्त एक साथ एकत्रित होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यह अभियान गोसंरक्षण और गोसेवा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास माना जा रहा है।
गंगाशहर में हुई तैयारी बैठक
इस अभियान को लेकर Bikaner के गंगाशहर क्षेत्र स्थित Ramjharokha Kailashdham में बुधवार को एक बैठक आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में गौभक्तों और समाजसेवियों ने भाग लिया और अभियान को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की।
संतों की अगुवाई में अभियान
सभा को संबोधित करते हुए Sarjudas Maharaj ने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष द्वारा संचालित नहीं है, बल्कि इसे गौमाता और नंदी बाबा की प्रेरणा से चलाया जा रहा है। उन्होंने इसे एक आध्यात्मिक और सामाजिक आंदोलन बताया, जिसमें देशभर के संत-महात्मा और गौसेवक शामिल होंगे।
एक साथ पूरे देश में ज्ञापन
अभियान की सबसे खास बात यह है कि 27 अप्रैल को सुबह 11 बजे देशभर में एक ही समय पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। आयोजकों का दावा है कि यह समन्वित प्रयास इस अभियान को ऐतिहासिक बना सकता है।
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प्रमुख मांगें क्या हैं
अभियान के तहत तीन मुख्य मांगें प्रमुख रूप से रखी गई हैं:
- गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए
- गोसेवा के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया जाए
- देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए
लोगों से जुड़ने की अपील
बैठक में उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दा भी है, जिससे बड़ी संख्या में लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं।


