बीकानेर: पुलिस की सख्ती के बावजूद जिले में नशे का कारोबार लगातार फैलता जा रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए तस्करों ने बीकानेर को एक प्रमुख केंद्र बना लिया है।
जिले में डोडा पोस्त और अफीम की तस्करी सबसे अधिक हो रही है, वहीं एमडी जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों का प्रचलन भी तेजी से बढ़ रहा है। फलौदी और जोधपुर के तस्कर भी यहां सक्रिय हो चुके हैं। पिछले चार वर्षों में नशा तस्करी का नेटवर्क काफी गहराई तक फैल गया है, जिससे नशीले पदार्थ आसानी से आम लोगों तक पहुंच रहे हैं।
भुट्टो का बास, सुभाषपुरा, रामपुरा और बंगला नगर जैसे क्षेत्रों में कई परिवार इस अवैध कारोबार से जुड़े पाए जा रहे हैं। तस्कर अब कम उम्र के युवाओं को पैडलर बनाकर अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं।
नशीले पदार्थों की सप्लाई ट्रेन और बसों के जरिए की जा रही है, जहां घी के डिब्बों जैसे तरीकों से इन्हें छुपाकर भेजा जाता है। वहीं, पंजाब और श्रीगंगानगर के रास्ते हेरोइन की तस्करी भी सामने आ रही है, जिसमें सीमा पार से ड्रोन के जरिए माल गिराने की घटनाएं शामिल हैं।
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बीएसएफ और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन तस्कर नए तरीके अपनाकर बच निकलते हैं। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी नशे का फैलाव चिंता का विषय बनता जा रहा है।

