बीकानेर-नोखा क्षेत्र में राजस्थान रोडवेज की बस में फर्जी टिकट जारी करने का बड़ा मामला सामने आया है। विजिलेंस जांच के दौरान इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ, जिसके बाद विभाग ने संबंधित बस सारथी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। आरोपी घटना के बाद राजस्व राशि और मशीन लेकर फरार हो गया।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
रोडवेज की मुख्य प्रबंधक इंदिरा गोदारा को 28 मार्च को एक सूचना मिली, जिसमें बताया गया कि बस सारथी यात्रियों से किराया वसूल कर उन्हें फर्जी टिकट दे रहा है। इस शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने जांच शुरू की।
जांच में सामने आई गड़बड़ी
विजिलेंस टीम ने जयपुर के विद्याधर नगर डिपो से संचालित बस (नंबर RJ 14 PH 0293) की जांच की, जो अजमेर, नागौर, नोखा होते हुए बीकानेर आ रही थी। 27 मार्च को जांच के दौरान यह पाया गया कि बस में सवार 10 यात्रियों को फर्जी टिकट जारी किए गए थे, जबकि उनसे पूरा किराया वसूला गया था।
यात्रियों में
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- 2 यात्री अजमेर से बीकानेर
- 6 यात्री नागौर से बीकानेर
- 2 यात्री मेड़ता से बीकानेर
शामिल थे।
मशीन का दुरुपयोग और फर्जी टिकट
जांच में सामने आया कि बस सारथी अंकित ने रोडवेज द्वारा दी गई आईटीएम मशीन और अन्य उपकरणों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी टिकट जारी किए। साथ ही मशीन के कवर में अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई, जो अवैध वसूली की ओर इशारा करती है।
पूछताछ के दौरान फरार
जब अधिकारियों ने आरोपी सारथी से पूछताछ की, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और मौके से राजस्व राशि व मशीन लेकर फरार हो गया। आरोपी की पहचान अलाय गांव निवासी अंकित के रूप में हुई है।
अन्य डिपो में भी फर्जीवाड़ा
जांच के दौरान मेड़ता, नोखा और नागौर डिपो से जारी टिकटों की भी जांच की गई, जिसमें कई टिकट फर्जी पाए गए। इससे संकेत मिलता है कि मामला केवल एक रूट तक सीमित नहीं हो सकता।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
रोडवेज विभाग ने आरोपी के खिलाफ सरकारी राजस्व के गबन, फर्जी टिकट जारी करने और नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।

