बीकानेर में खेजड़ी पेड़ों की कटाई पर राज्य सरकार के सख्त प्रतिबंध के बावजूद लगातार उल्लंघन के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार द्वारा खेजड़ी को संरक्षित करने और ‘ट्री प्रोटेक्शन एक्ट’ लाने की घोषणा के बाद भी स्थानीय स्तर पर लापरवाही देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में खेजड़ी की सुरक्षा को लेकर सख्ती का आश्वासन दिया था, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जानी थी। इसके बावजूद बीकानेर में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
ताजा मामला गाढ़वाला क्षेत्र का है, जहां एक खेत में 26 खेजड़ी के पेड़ों को रातों-रात काट दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब फरवरी में ही पेड़ों की कटाई पर रोक के आदेश जारी किए जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक जिले में 138 पेड़ काटे जा चुके हैं, लेकिन किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, दिन में कुछ लोग मौके का निरीक्षण कर गए थे और रात में पेड़ों को काट दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रिपोर्ट तैयार की, लेकिन पेड़ काटने वालों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।
- Advertisement -
इस घटना के बाद पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते सख्ती बरतता, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।

