मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के बीच राजस्थान सरकार ने एहतियात के तौर पर बड़ी पहल की है। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की। सरकार ने साफ किया है कि राज्य में आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं है और आमजन को घबराने की जरूरत नहीं है।
सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ?
जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना था।
मुख्यमंत्री ने सभी दलों से अपील की कि वे इस संवेदनशील समय में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक जिम्मेदारी निभाएं।
पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्थान में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और खाद की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। सरकार ने पहले से ही आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और सक्रिय बना दिया है ताकि किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति न बने।
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उन्होंने जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें।
निगरानी के लिए बनाई गई विशेष टीमें
राज्य सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने के लिए बहुस्तरीय निगरानी तंत्र तैयार किया है।
- राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय समिति का गठन
- जिला स्तर पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों की टीमें
- तेल कंपनियों के नोडल अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
इसके साथ ही 181, 112 और 14435 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे संचालित किए जा रहे हैं, ताकि आमजन की समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।
पीएनजी नेटवर्क के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने सिटी गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिए कि वे पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन तेजी से उपलब्ध कराएं।
हॉस्पिटल, होटल और रेस्टोरेंट जैसे संस्थानों को प्राकृतिक गैस अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, सुरक्षित पीएनजी नेटवर्क के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया है।
उर्वरक आपूर्ति और कालाबाजारी पर सख्ती
किसानों को यूरिया और डीएपी की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं।
इसके अलावा, एलपीजी की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अब घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए ओटीपी सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है।
राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन
बैठक में शामिल सभी दलों के नेताओं ने राज्य सरकार के प्रयासों का समर्थन किया। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और वैकल्पिक व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
यह भी कहा गया कि संकट की इस घड़ी में सभी दल एकजुट होकर जनता के हित में कार्य करेंगे।
प्रवासी राजस्थानियों के लिए भी मदद
मुख्यमंत्री ने विदेशों में रह रहे राजस्थानियों की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि Rajasthan Foundation के माध्यम से मध्यपूर्व के कई देशों में प्रवासी लोगों को आवास, भोजन और वापसी में सहायता दी जा रही है।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

