बीकानेर। शहर में पतंगबाजी के बढ़ते उत्साह के बीच चाइनीज मांझा एक बार फिर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ताजा मामले में एक युवक की नाक कट गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उसे तुरंत इलाज तक नहीं मिल पाया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, एडवोकेट शुभम हर्ष सोमवार शाम करीब 5 बजे मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। जब वे चौखुंटी पुल के पास पहुंचे, तभी अचानक चाइनीज मांझे की तेज धार उनके चेहरे से टकराई और उनकी नाक पर गहरा घाव हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि खून बहने लगा और चेहरे पर भी कई जगह कट लग गए।
घायल अवस्था में उन्हें तुरंत Satellite Hospital Bikaner ले जाया गया, लेकिन वहां ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। नर्सिंग स्टाफ ने प्राथमिक उपचार जरूर दिया, लेकिन गंभीर चोट के कारण तुरंत विशेषज्ञ इलाज की जरूरत थी। ऐसे में परिजनों को मजबूरी में अपने रिश्तेदार डॉक्टर को बुलाना पड़ा, जिन्होंने पहुंचकर इलाज किया। जानकारी के अनुसार, घाव में 10 से 12 टांके लगाए गए।
पीड़ित शुभम ने बताया कि अगर मांझा गले पर लग जाता तो जान भी जा सकती थी। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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यह घटना दो बड़ी लापरवाहियों को उजागर करती है। पहली, शहर में प्रतिबंधित होने के बावजूद चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है और इसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। दूसरी, अस्पताल में इस तरह के आपातकालीन मामलों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की अनुपस्थिति ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखातीज जैसे त्योहार के नजदीक आते ही पतंगबाजी बढ़ती है, ऐसे में चाइनीज मांझे के उपयोग पर रोक और सख्त निगरानी बेहद जरूरी हो गई है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

