बीकानेर में भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर इस बार धर्मयात्रा और महाआरती का आयोजन विशेष भव्यता के साथ किया जाएगा। 19 मार्च को आयोजित होने वाली इस धर्मयात्रा को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम आस्था, एकता और परंपरा का प्रतीक बनेगा।
समिति के अध्यक्ष गणेश बोथरा ने बताया कि हिन्दू नववर्ष का स्वागत धर्म ध्वजा के साथ किया जाएगा। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दिन से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है और घट स्थापना की जाती है। साथ ही इसे सृष्टि रचना दिवस, भगवान झूलेलाल अवतरण दिवस और विक्रम संवत के आरंभ के रूप में भी जाना जाता है।
पूर्व यूआईटी चेयरमैन महावीर रांका के अनुसार, इस बार धर्मयात्रा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की गई है। यात्रा का शुभारंभ शाम करीब 4 बजे पुष्करणा स्टेडियम से होगा। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों—गोकुल सर्किल, नत्थूसर गेट, बारहगुवाड़, मोहता चौक, तेलीवाड़ा, दाऊजी मंदिर, जोशीवाड़ा, कोटगेट और केईएम रोड से होते हुए जूनागढ़ पहुंचेगी, जहां महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
इस धर्मयात्रा की सबसे खास बात हेलीकॉप्टर से होने वाली पुष्पवर्षा होगी, जो तीन चरणों में की जाएगी। पहला चरण एमएम ग्राउंड से नत्थूसर गेट, दूसरा नत्थूसर गेट से कोटगेट और तीसरा कोटगेट से जूनागढ़ तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की जाएगी।
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यात्रा में पारंपरिक और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिलेगा। पुणे से महाराष्ट्रियन बैंड और हरियाणा से मस्क वादन टीम विशेष प्रस्तुति देंगी। ऊंट, घोड़े और लगभग 15 रथों पर संत-महात्मा सवार रहेंगे। इसके अलावा दिल्ली से आई टीम भगवान श्रीराम, हनुमानजी और मां दुर्गा सहित विभिन्न देवी-देवताओं की सजीव झांकियां प्रस्तुत करेगी, जो आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
धर्मयात्रा के दौरान शंख वादकों की टीम शंखनाद कर हिन्दू नववर्ष का स्वागत करेगी। आयोजन को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

