बीकानेर। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के सामने खुद को आग के हवाले करने वाले रामलाल मेघवाल के मामले में एक दुखद खबर सामने आई है। गंभीर रूप से झुलसे रामलाल ने जयपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। इस घटना के बाद खाजूवाला क्षेत्र और बीकानेर शहर में शोक की लहर है, वहीं पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
बीकानेर से जयपुर किया गया था रैफर
जानकारी के अनुसार, खाजूवाला के ग्राम 4 बीजीएम भागू निवासी रामलाल मेघवाल ने गुरुवार को बीकानेर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एसपी कार्यालय के बाहर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई और उसे तुरंत पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जयपुर रैफर कर दिया था। जयपुर में इलाज के दौरान देर रात रामलाल की मृत्यु हो गई।
ब्लैकमेलिंग से परेशान था मृतक
इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। बताया जा रहा है कि रामलाल एक महिला द्वारा कथित तौर पर की जा रही ब्लैकमेलिंग से काफी परेशान था। इस संबंध में उसने पहले पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा भी हो चुका था, लेकिन विवाद पूरी तरह सुलझा नहीं था। इसी मानसिक तनाव और न्याय की उम्मीद में वह एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस जांच में जुटे अहम सुराग
रामलाल की मौत के बाद पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन कारणों की पड़ताल की जा रही है कि आखिर राजीनामे के बाद भी विवाद क्यों बना रहा और क्या पुलिस स्तर पर उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई हुई थी या नहीं। पुलिस उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जिनकी वजह से एक व्यक्ति को अपनी जीवन लीला समाप्त करने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा।
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घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों और मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट जैसे अति सुरक्षित क्षेत्र में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और जनसुनवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

