जयपुर। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष के अंतिम दिनों में बढ़ते कामकाज को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से आदेश जारी कर सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च तक कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाए।
जारी आदेशों के अनुसार 31 मार्च तक राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त रहेंगी। हालांकि आपातकालीन या अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जा सकेगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को इस अवधि में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश देते हुए कहा है कि वित्त वर्ष के अंतिम चरण में विभागीय कार्यों की गति तेज रहती है, इसलिए कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी वजह से मार्च के अंत तक अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि सरकारी अवकाश, शनिवार और रविवार की छुट्टियां इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगी।
दरअसल 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होता है और वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 के समापन में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में विभिन्न विभागों में बजट से जुड़े कार्यों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। टेंडर जारी करने, कार्य आदेश देने, भुगतान प्रक्रिया पूरी करने और प्रशासनिक मंजूरियां देने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य इसी अवधि में पूरे किए जाते हैं।
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सरकारी विभागों में अक्सर वित्त वर्ष की शुरुआत में कार्य धीमी गति से शुरू होते हैं और मार्च के अंतिम दिनों में बजट लैप्स होने से बचाने के लिए तेजी से प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। इसी कारण मार्च महीने के अंतिम पखवाड़े में कामकाज का दबाव काफी बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि इससे पहले गैस आपूर्ति संकट की स्थिति को देखते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर भी अस्थायी रोक लगाई गई थी। अब पूरे प्रशासनिक तंत्र में कार्यों को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से यह निर्णय लागू किया गया है।

