जयपुर। एलपीजी की कमी के बीच केंद्र सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सीमित आपूर्ति शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस की उपलब्धता प्रभावित होने के बाद होटल, रेस्तरां, हॉस्टल मैस और कई औद्योगिक इकाइयों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने पंजीकृत व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनकी कुल मांग का एक हिस्सा उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय में हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में देशभर में कमर्शियल एलपीजी की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने होटल उद्योग, पर्यटन क्षेत्र और अन्य व्यवसायों पर गैस संकट के प्रभाव पर चर्चा की। इसके बाद व्यावसायिक सिलेंडरों की आंशिक सप्लाई शुरू करने का निर्णय लिया गया।
नई व्यवस्था के तहत पंजीकृत कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन धारकों को उनकी कुल मांग का अधिकतम 20 प्रतिशत तक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से उन क्षेत्रों को कुछ राहत मिलेगी जो गैस की कमी के कारण सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग रुक जाने से राजस्थान में हालात काफी चुनौतीपूर्ण हो गए थे। कई हॉस्टल के मैस, सरकारी और निजी कार्यालयों की कैंटीनों के साथ-साथ होटल और रेस्तरां के नियमित संचालन में भी बाधा आने लगी थी। पर्यटन क्षेत्र पर भी इसका असर दिखाई देने लगा था।
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औद्योगिक इकाइयों में भी गैस की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ। कई कंपनियों को अस्थायी रूप से कामकाज कम करना पड़ा और कुछ जगहों पर मजदूरों को छुट्टी देकर घर भेजना पड़ा। वहीं शादियों के मौसम में होटलों में भोजन की मांग घटने से कीमतों में गिरावट भी देखी गई और कुछ होटल संचालकों को किराए में कटौती तक करनी पड़ी।
इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। बैठक में अधिकारियों को सिलेंडरों की कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
अब केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सीमित आपूर्ति शुरू होने से होटल, रेस्तरां, कैंटीन और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकेगी और आवश्यक सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो सकेंगी।

