बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के बाहर एक युवक ने खुद को आग के हवाले कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर जैसे सुरक्षित इलाके में हुई इस घटना ने प्रशासनिक अमले और वहां मौजूद आमजन को झकझोर कर रख दिया। आग की लपटों से घिरे युवक को देखकर मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
घटना का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवक की पहचान खाजूवाला क्षेत्र के ग्राम 4 बीजीएम भागू निवासी रामलाल (पुत्र चेतनराम) के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार, रामलाल शुक्रवार दोपहर एडीएम सिटी कार्यालय के पास पहुंचा था। वहां उसने अचानक अपने शरीर पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वह चिल्लाते हुए और आग लगाते हुए एसपी कार्यालय की तरफ दौड़ पड़ा।
अचानक हुए इस घटनाक्रम से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जैसे ही युवक को आग की लपटों में घिरा देखा, वे कंबल और अन्य संसाधनों के साथ उसे बचाने के लिए दौड़े। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आग बुझाई, लेकिन तब तक युवक काफी हद तक झुलस चुका था।
ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी
गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में रामलाल को तुरंत पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटी है, हालांकि उसकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और युवक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
- Advertisement -
आखिर क्यों उठाया यह आत्मघाती कदम?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रामलाल ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया। प्राथमिक तौर पर इसे किसी पुराने विवाद या प्रशासनिक सुनवाई न होने से उपजे आक्रोश से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले की तह तक जाने के लिए युवक के परिजनों और खाजूवाला के स्थानीय लोगों से संपर्क कर रहा है।
बीकानेर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस आत्मदाह के प्रयास के पीछे की असली वजह क्या थी और क्या पीड़ित किसी समस्या को लेकर लंबे समय से परेशान था।

