बीकानेर। चेक अनादरण (चेक बाउंस) के एक पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और आर्थिक प्रतिकर देने का आदेश दिया है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट छतरगढ़, जिला बीकानेर की अदालत ने सुनाया।
प्रकरण के अनुसार चक एक सीएचडी गुलामवाला निवासी याकर खान खरल ने वर्ष 2017 में रोहिताश गोयल से घरेलू जरूरतों के लिए दो लाख रुपये उधार लिए थे। बताया गया कि आरोपी ने तीन माह के भीतर राशि लौटाने का आश्वासन दिया था और इसके बदले में एसबीबीजे बैंक का एक चेक परिवादी को दिया।
निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी आरोपी ने उधार ली गई राशि वापस नहीं लौटाई। इसके बाद परिवादी ने बैंक में चेक प्रस्तुत किया, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित हो गया। इस संबंध में परिवादी द्वारा आरोपी को कानूनी नोटिस देकर भुगतान करने की जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद आरोपी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या भुगतान नहीं किया गया।
परिस्थितियों को देखते हुए परिवादी ने न्यायालय की शरण ली और मामला न्यायिक प्रक्रिया में आया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।
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न्यायालय के पीठासीन अधिकारी दीपक कुमार ने अपने निर्णय में आरोपी याकर खान को 12 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी को परिवादी को 3 लाख 50 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश भी दिया गया।
इस मामले में परिवादी रोहिताश गोयल की ओर से अधिवक्ता रामनिवास धतरवाल ने न्यायालय में पैरवी की।

