ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह की शुरुआत में ही बाजार भारी गिरावट के साथ खुला, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया।
सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2700 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 78,543 पर खुला, जबकि निफ्टी भी 500 से अधिक अंक टूटकर 24,659 पर आ गया। बैंक निफ्टी में भी 1300 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कुछ समय बाद बाजार में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन फिर भी सेंसेक्स करीब 1000 अंक नीचे और निफ्टी 24,900 के नीचे कारोबार करता नजर आया।
इस गिरावट का असर लगभग सभी सेक्टर्स पर पड़ा। ऑटो, आईटी, बैंकिंग, एफएमसीजी, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सेक्टर लाल निशान में रहे, जबकि मेटल सेक्टर में हल्की तेजी देखने को मिली, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़े।
बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बीएसई का मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपये घट गया। जहां शुक्रवार को यह 463.50 लाख करोड़ रुपये था, वहीं सोमवार को गिरकर लगभग 457.50 लाख करोड़ रुपये रह गया।
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इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी 10% से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
बीएसई पर कारोबार कर रहे कुल 3,660 शेयरों में से अधिकांश में गिरावट रही। केवल 510 शेयरों में तेजी आई, जबकि 2,985 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। कई शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए, जिससे बाजार की कमजोरी साफ झलकती है।

