पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने अब गंभीर रूप ले लिया है। अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के कई शहरों में लगातार दूसरे दिन भी हमले जारी रहे। राजधानी तेहरान से भीषण विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। वहीं पाकिस्तान के कराची में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
तेहरान में हमलों से दहला शहर
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार तेहरान के सैय्यद खानदान, कसर चौराहा, वनक स्क्वायर और मोताहारी स्ट्रीट सहित कई इलाकों में मिसाइल और हवाई हमलों की आवाजें सुनी गईं। इस्राइली सेना ने राजधानी के केंद्रीय हिस्से को निशाना बनाने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि देश में इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे से अधिक समय से बाधित हैं, जिससे संचार और सूचनाओं के प्रवाह पर असर पड़ा है।
ईरान के शीर्ष नेतृत्व को नुकसान
ईरानी सरकारी प्रसारण में कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। इनमें
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अली खामेनेई
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अली शमखानी
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अब्दोलरहीम मौसवी
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अजीज नसीरजादेह
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मोहम्मद पाकपौर
के नाम शामिल बताए गए हैं। सरकारी एजेंसी ने संकेत दिया है कि अन्य सैन्य अधिकारियों के बारे में जानकारी क्रमशः जारी की जाएगी।
ओमान और यूएई पर जवाबी हमले
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास खासाब बंदरगाह के निकट एक तेल टैंकर पर हमले में चार लोग घायल हुए। दुकम पोर्ट पर ड्रोन हमले में एक विदेशी श्रमिक के घायल होने की सूचना है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान ने 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन दागे। मुख्य निशाना अबू धाबी के पास अल-धफरा एयर बेस बताया गया है। एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश हमलों को विफल कर दिया, लेकिन गिरते मलबे से दुबई के कुछ हिस्सों में नुकसान और कई लोग घायल हुए हैं।
तेल अवीव में भी नुकसान
इस्राइली मीडिया के अनुसार तेल अवीव में ईरानी हमलों से कम से कम 40 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। 200 से अधिक लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस्राइल का दावा है कि उसने एक ही दिन में ईरान में 1200 से अधिक बम गिराए।
कराची में हिंसक झड़प
ईरान से जुड़े घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हिंसक हो गया। माई कोलाची रोड पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर हालात काबू में करने की कोशिश की है।
भारत में भी बढ़ी सतर्कता
ईरान की स्थिति को लेकर भारत के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाई गई है।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव पूरे पश्चिम एशिया को व्यापक संघर्ष की ओर धकेल सकता है। तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और वैश्विक बाजारों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात फिलहाल बेहद नाजुक बने हुए हैं।

