बीकानेर में जमीन सौदे से जुड़े चेक बाउंस मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को एक वर्ष के कारावास और 19 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ललित कुमार की अदालत ने आरोपी ओमप्रकाश को दोषी करार दिया।
क्या था मामला?
परिवादी अभिषेक मुकुल ने वर्ष 2016 में आरोपी के खिलाफ एनआई एक्ट के तहत परिवाद दायर किया था। आरोप के अनुसार, छत्तरगढ़ क्षेत्र में 41 बीघा कृषि भूमि का सौदा 24.60 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें 7 लाख रुपये अग्रिम दिए गए थे। रजिस्ट्री नहीं होने पर समझौते के तहत आरोपी ने 10 लाख रुपये का पोस्ट डेटेड चेक दिया।
जब परिवादी ने चेक बैंक में प्रस्तुत किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद विधिक नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, जिससे मामला अदालत तक पहुंचा।
अदालत में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान आरोपी ने दावा किया कि चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और उसका दुरुपयोग हुआ है। हालांकि अदालत ने इकरारनामे और साक्ष्यों के आधार पर माना कि चेक वैधानिक देनदारी के भुगतान के लिए जारी किया गया था। आरोपी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर होने से भी इनकार नहीं किया।
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कोर्ट का फैसला
अदालत ने पाया कि:
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चेक वैध देनदारी के भुगतान के लिए दिया गया था।
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खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने से चेक बाउंस हुआ।
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विधिक नोटिस सही पते पर भेजा गया और समय पर भुगतान नहीं हुआ।
इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को 1 वर्ष का कारावास और 19 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
परिवादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता तेजकरण सिंह राठौड़ ने की।

