जयपुर। राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से चल रहा असमंजस अभी भी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की, लेकिन शिक्षकों को फिलहाल ठोस राहत मिलती नहीं दिख रही।
फिलहाल स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध
विधानसभा में विधायक गोविन्द प्रसाद द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि वर्तमान में राज्य में स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। हालांकि, अत्यावश्यक मामलों में सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद स्थानांतरण किए जा सकते हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए नई स्थानांतरण नीति तैयार की जा रही है और यह प्रक्रिया अभी प्रक्रियाधीन है। नई नीति के अंतिम रूप लेने के बाद ही व्यापक स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
सदन में गूंजा मुद्दा
इस जवाब के बाद सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित विपक्षी विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि दो वर्षों से स्थानांतरण नीति को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस पर मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी इस दिशा में कोई विशेष पहल नहीं हुई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने कम से कम प्रक्रिया तो शुरू की है।
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वरिष्ठता विलोपन की शर्त पर हुए ट्रांसफर
मंत्री ने सदन को बताया कि पूर्व में जिला परिवर्तन के मामलों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों से वरिष्ठता विलोपन के सहमति पत्र लेकर स्थानांतरण किए गए थे। विभागीय आवश्यकता और अत्यावश्यक परिस्थितियों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से ही आदेश जारी किए गए हैं।
उन्होंने 14 अक्टूबर 2024 को जारी तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण आदेशों का विवरण भी सदन के पटल पर रखा।
सरकार गंभीर, लेकिन इंतजार जारी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। नई स्थानांतरण नीति तैयार होने के बाद शिक्षकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकेंगे। फिलहाल, व्यापक तबादलों की संभावना नई नीति के लागू होने तक टली हुई मानी जा रही है।
राज्यभर के हजारों तृतीय श्रेणी शिक्षक अब नई नीति की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें पारदर्शी और व्यवस्थित स्थानांतरण प्रक्रिया का लाभ मिल सके।

