पुष्करणा समाज के प्रसिद्ध ओलंपिक सावे के दौरान सोमवार देर रात एक अनोखा और आकर्षक दृश्य देखने को मिला, जब दुल्हन ऐश्वर्या घोड़ी पर सवार होकर गणेश परिक्रमा ‘छींकी’ के लिए अपने ससुराल पहुंची। यह दृश्य समाज की समृद्ध और प्राचीन परंपराओं को जीवंत करता नजर आया।
श्रीमती शकुंतला और नागेंद्र रंगा की सुपुत्री ऐश्वर्या पारंपरिक पीले परिधान में सजी-धजी घोड़ी पर बैठकर परिजनों के साथ वैवाहिक कार्यक्रम स्थल आचार्य बगीची पहुंचीं। उनकी शादी मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य के पौत्र एवं रेणु-कमल आचार्य के पुत्र नकुल के साथ संपन्न हुई।
घोड़ी पर छींकी लेकर पहुंची दुल्हन ऐश्वर्या का ससुराल पक्ष की महिलाओं ने पुष्करणा समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूरे मान-मनुहार और उल्लास के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर समाज की सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक सौहार्द का सुंदर संगम देखने को मिला।
ससुराल पक्ष की ओर से वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, अनिल आचार्य, शिक्षक नेता रवि आचार्य, पार्षद किशोर आचार्य, भाजपा नेता मनीष आचार्य, विनोद आचार्य, निर्मल आचार्य, विमल आचार्य, कमल आचार्य, सुनील बोड़ा, एडवोकेट सुरेन्द्र पुरोहित, पीयूष पुरोहित, महेंद्र आचार्य और नवीन व्यास ने वधु पक्ष का स्वागत किया।
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