बीकानेर। राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली आयरन एवं फॉलिक एसिड की गुलाबी और नीली गोलियों को लेकर शिक्षा विभाग ने निगरानी और सख्त कर दी है। अब इन गोलियों के वितरण की मासिक रिपोर्ट शालादर्पण पोर्टल पर दर्ज करना सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
तय समय-सीमा में ही होगी ऑनलाइन प्रविष्टि
निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर की ओर से जारी आदेश के अनुसार शालादर्पण पोर्टल पर बनाए गए विशेष मॉड्यूल में हर माह की रिपोर्ट केवल 1 से 7 तारीख के बीच ही भरी जा सकेगी। निर्धारित अवधि निकलने के बाद उस माह की प्रविष्टि किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
अगले माह की शुरुआत में देनी होगी रिपोर्ट
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी माह में वितरित की गई गोलियों की जानकारी अगले माह की 1 से 7 तारीख के बीच अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को आयरन और फॉलिक एसिड की गोलियां नियमित रूप से मिल रही हैं या नहीं।
नोडल अधिकारी होंगे जिम्मेदार
इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों से शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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आदेश की अवहेलना पर होगी जवाबदेही
निदेशक कार्यालय ने संकेत दिए हैं कि यदि किसी विद्यालय द्वारा समय पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रधान और नोडल अधिकारी की मानी जाएगी। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और विद्यार्थियों को पोषण से जुड़ा लाभ समय पर मिल सकेगा।

